कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को वर्ष 2020 में बहलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई पूरी हुई। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर उसे 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक दलित किशोरी 14 मार्च 2020 को घर से लापता हो गई थी। मामले में किशोरी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की थी। किशोरी को बरामद करने के बाद पुलिस ने बिजनौर के कीरतपुर थाना क्षेत्र के बहेडा निवासी बिलाल को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही किशोरी को बहलाकर ले जाने , दुष्कर्म करने व एससीएसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाने के बाद बिलाल के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मौजूदा समय में इस मुकदमें की सुनवाई स्पेश्ल जज पॉक्सो एक्ट की कोर्ट संख्या- 13 में चल रही थी।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि मामले में किशेारी ने स्वेच्छा से जाने की बात कही थी। लेकिन मामले में वादी व गवाहों के बयानों, पुलिस विवेचना के अनुशीलन करने के साथ ही अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुना। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पर किशोरी से दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर उसे 10 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। उन्होंने बताया कि अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसको एक माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया। दोषी बिलाल को माती जिला कारागार भेजा गया है।