सोमवार सुबह पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोबारा तलाश शुरू कराई। करीब पांच सौ मीटर दूर युवक का शव नहर से बाहर निकाला गया। बिसंडा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव के अंश बनई पुरवा निवासी लवलेश (28) रविवार शाम करीब चार बजे घर से पैदल अतर्रा रेलवे स्टेशन के लिए निकले थे। उन्हें देर शाम संपर्क क्रांति ट्रेन पकड़कर दिल्ली जाना था। परिजनों के मुताबिक, वह दिल्ली में प्लंबर का काम करते थे और इसी से परिवार का भरण-पोषण करते थे।
बारिश और कीचड़ में फिसला पैर
घर से करीब चार किलोमीटर दूर रास्ते में बारिश और कीचड़ के कारण लवलेश का पैर फिसल गया। वह पास से निकली नहर में जा गिरे। नहर में पानी गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके। आसपास खेतों में मौजूद ग्रामीणों ने घटना देखी और इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ कुछ देर तक नहर में तलाश की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से देर रात तक युवक की तलाश कराई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पांच गोताखोरों ने सुबह शुरू की तलाश
सोमवार सुबह पुलिस ने स्थानीय पांच गोताखोरों को बुलाकर नहर में तलाश शुरू कराई। करीब पांच घंटे की खोजबीन के बाद सुबह करीब दस बजे घटनास्थल से लगभग पांच सौ मीटर दूर गोताखोरों ने लवलेश को तलाश कर बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
प्लंबर का काम करते थे लवलेश
भतीजे शिवपूजन ने बताया कि लवलेश के पास करीब दो बीघा खेत था, लेकिन इससे परिवार का गुजारा नहीं हो पाता था। इसी वजह से वह दिल्ली में रहकर प्लंबर का काम करते थे। लवलेश छह भाइयों में पांचवें नंबर के थे।