औरैया जिले के बाबरपुर कस्बा स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर ने इलाज के बाद युवक को रेफर कर दिया। यहां से परिजन युवक को लेकर सीएचसी पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर घर वालों ने प्राइवेट डॉक्टर को मौत का जिम्मेदार मानते हुए गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
कोतवाली निरीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टर्माटम के लिए भिजवाया। बुधवार की सुबह मोहल्ला अशोक नगर निवासी शक्तिसिंह (30) पुत्र स्व. शिवनारायण के सिर में अचानक तेज दर्द होने पर परिजन उसे बाबरपुर कस्बा स्थित डॉ. राजेश यादव के क्लीनिक पर ले गए।
यहां 50 हजार रुपये जमा कराने के बाद दोपहर तक इलाज किया गया। दोपहर बाद शक्ति सिंह को रेफर कर क्लीनिक से बाहर निकाल दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर सीएचसी अजीतमल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने शव को सीएचसी परिसर में रखकर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। पुलिस पर शव हटाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने से शक्ति सिंह की जान गई है।
मौके पर पहुंचे कोतवाली निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि शक्ति सिंह के चाचा जयनारायण सिंह की तहरीर पर डॉ. राजेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मालूम हो कि वर्ष 2018 में डॉ. राजेश यादव पर अपंजीकृत अवैध रूप से चिकित्सीय कार्य करने की शिकायत की गई थी। इसी आधार पर तत्कालीन डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने क्लीनिक को सीज कर मामला दर्ज कराया था।