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चार बाद ठिठके कदम, पांचवीं बार ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, जेब से 18 पन्नों का सुसाइड नोट मिला

Mon, 16 Mar 2020 04:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में बर्रा के विश्वबैंक कॉलोनी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक युवक ने रविवार को ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जीआरपी को उसकी जेब से 18 पन्नों का सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने चार बार प्रयास के बाद पांचवीं बार में आत्मघाती कदम उठा पाने का जिक्र किया है।


जीआरपी इंस्पेक्टर के मुताबिक युवक ने प्रेमिका के घरवालों की धमकी से आत्महत्या की बात लिखी है। मूल रूप से औरैया के दिबियापुर कंचौसी निवासी किसान सियाराम का बेटा रोहित उर्फ दिव्यांशु (20) बर्रा में रहकर नेवी की तैयारी कर रहा था। रविवार को उसका क्षतविक्षत शव गोविंदनगर रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर मिला।

उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि दूर के रिश्ते की बुआ की बेटी से उसका कई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी होने पर घरवालों ने विरोध किया तो पिता ने उसे पढ़ाई के लिए यहां भेज दिया।
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यहां आने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत होती रही। इसकी भनक लगने पर युवती के पिता ने उसे धमकी देना शुरु कर दिया। कुछ दिन पहले युवती के पिता ने फोन करके दोनों को जान से मारने की धमकी दी। इससे वह काफी डर और आत्महत्या करने की योजना बनाने लगा।

चार बार ट्रेन देखकर लौट गया था
रोहित ने सुसाइट नोट में लिखा है कि प्रेमिका के पिता की धमकी से डरकर वह जान देने के बारे में सोचने लगा। इसकेलिए आत्महत्या करने के तरीकों की जानकारी के लिए दोस्तों से बात करने के साथ इंटरनेट पर भी पता कर रहा था। उसे ट्रेन से कटकर मरना सबसे आसान तरीका लगा। इसपर पांच दिन पहले वह गोविंदनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा।

लेकिन ट्रेन आते देख उसका कालेजा कांप गया और कदम खुद ही पीछे हट गए। चार ट्रेनों के ब्योरे के साथ उसने लिखा है कि इनकी आगे कूदने की कोशिश में वह हर रोज स्टेशन आता था। रविवार को पांचवीं बार स्टेशन पहुंचा और आउटर पर जाकर हिम्मत जुटाकर ट्रेन के आगे कूद गया। इसकी सूचना पाकर पहुुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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