‘मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं, मेरे मरने के बाद मेरी आंखें बड़े भाई को दान कर देना...’ ऐसा सुसाइड नोट लिखकर नौबस्ता के राजीव विहार निवासी विकलांग जितेंद्र पासवान (25) ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि वह विकलांगता के कारण परेशान रहता था।
नन्हे लाल के चार बेटों और एक बेटी में जितेंद्र तीसरे नंबर का था। वह बाएं पैर से विकलांग था। भाई वीरेंद्र ने बताया कि वह ऑटो पार्ट्स की दुकान में नौकरी करता था। विकलांग होने के कारण कई बार उसे कुछ काम करने में परेशानी होती थी।