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'मेरी आंखें भाई को दान कर देना..', लिखकर फांसी पर झूल गया युवक

Sat, 29 Sep 2018 08:04 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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‘मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं, मेरे मरने के बाद मेरी आंखें बड़े भाई को दान कर देना...’ ऐसा सुसाइड नोट लिखकर नौबस्ता के राजीव विहार निवासी विकलांग जितेंद्र पासवान (25) ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि वह विकलांगता के कारण परेशान रहता था।
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नन्हे लाल के चार बेटों और एक बेटी में जितेंद्र तीसरे नंबर का था। वह बाएं पैर से विकलांग था। भाई वीरेंद्र ने बताया कि वह ऑटो पार्ट्स की दुकान में नौकरी करता था। विकलांग होने के कारण कई बार उसे कुछ काम करने में परेशानी होती थी।
 
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इस कारण आंखें भी नहीं दान कराई जा सकीं

इस कारण वह तनाव में रहता था। गुरुवार रात को खाना खाने के बाद ऊपर के कमरे में सोने चला गया। शुक्रवार सुबह नौ बजे तक नीचे नहीं आया तो मां मालती ऊपर गई। यहां धन्नी के सहारे उसका शव लटका मिला।

पुलिस को मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें उसने बड़े भाई बबलू (इनकी दोनों आंखें खराब हैं) को अपनी आंखें देने की बात लिखी है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मौत की जानकारी देरी से होने के कारण उसकी आंखें भी नहीं दान कराई जा सकीं।
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