प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनते टीचर और छात्र
स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन से देशभर के युवाओं को संबोधित किया। कानपुर शहर के सभी शिक्षण संस्थानों में पीएम मोदी को सुनने के लिए एलईडी टीवी की व्यवस्था कराई गई थी। फिर क्या सरकारी और क्या निजी कॉलेज। हर जगह सैकड़ों, हजारों की संख्या में छात्रों ने पीएम मोदी का भाषण सुना। हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजीकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) का ऑडिटोरियम भी हरकोर्टियंस से खचाखच भरा था।
पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के मूल्यों से शुरूआत करते हुए न्यू इंडिया, स्किल्ड इंडिया और क्लीन इंडिया सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने संवाद में मोदी ने रोज डे का जिक्र किया। बोले, कॉलेज में स्टूडेंट अलग-अलग डे मनाते हैं। आज रोज डे है, आज ये डे है... कुछ लोग इसके विरोधी हैं लेकिन मैं नहीं। इतना सुनते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मोदी ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमने रोबोट तैयार नहीं करने हैं। हमें अच्छे इंसान चाहिए। क्या कभी किसी को विचार आता है कि हरियाणा का कॉलेज तय करे कि आज तमिल डे मनाएंगे। दूसरे राज्यों की संस्कृति अपनाएंगे।
गंदगी फैलाने वालों को वंदे मातरम कहने का हक नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनते टीचर और छात्र
पीएम ने कहा जो लोग गंदगी फैलाते हैं उन्हें वंदे मातरम कहने का हक नहीं है। आगे कहा कि, आज लोग मेक इन इंडिया का भी विरोध करते हैं लेकिन विवेकानंद जी और जमशेद टाटा के बीच भारत में उद्योग लगाने को लेकर संवाद हुआ था। स्वामी विवेकानंद इस बात को जानते थे कि देश तभी आगे बढ़ेगा जब हम अपने पैरों पर खुद खड़े होंगे।
पीएम को सुनने को उमड़े युवा
पीएम के भाषण के लिए कानपुर यूनिवर्सिटी, डीबीएस कॉलेज, पीपीएन, आईआईटी कानपुर, पीएसआईटी, बीएनडी, अर्मापुर पीजी कॉलेज, यूपीटीटीआई सहित शहर के लगभग सभी शिक्षण संस्थानों में एलईडी की व्यवस्था कराई गई थी। पीएम को सुनने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उमड़े थे।
यह सही है कि हम सभी देशवासियों को एक-दूसरे प्रदेश की संस्कृति जाननी चाहिए। पीएम मोदी के इन बातों ने काफी प्रभावित किया। हम इसको लेकर अलग-अलग कल्चर के इवेंट कराएंगे।
स्वप्निल
कल्चलर कोआर्डिनेटर
आईआईटी कानपुर
जब हमारे पीएम स्वच्छता के लिए इतनी कोशिश कर रहे हैं तो क्या हम कुछ नहीं कर सकते। हम सभी उनके इस मुहिम में उनके साथ हैं। अपने आस-पास साफ-सफाई रखेंगे।
आकाश जैन
आईआईटी कानपुर
पीएम मोदी की बातों ने काफी प्रभावित किया है। युवाओं के लिए उन्होंने कई बातें कहीं है। इन बातों का अनुसरण करना चाहिए और सभी को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। तभी देश आगे बढ़ पाएगा।
डॉ. आरके सिंह
प्राचार्य
डीबीएस कॉलेज
स्वामी विवेकानंद की बातें पीएम मोदी के भाषण में झलकी। यह सभी के लिए प्रेरणादायक है। पीएम ने बेहद सरल शब्दों में समझाया कि खुद के साथ दूसरों के लिए भी जीवन में कुछ न कुछ करना चाहिए।
आरसी अवस्थी, रजिस्ट्रार
छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सफलता का टिप्स दिया है। उन्होंने बताया कि सफलता नदी के किनारे खड़े होकर नहीं मिलती बल्कि नदी में उतरने के बाद उसे पार करने पर मिलती है।
प्रो. मनोज शुक्ला
एचबीटीयू