कानपुर देहात। जिला अस्पताल में जरूरी सामान की खरीद फरोख्त में वित्तीय अनियमितता के मामले में फंसी क्रय समिति में शामिल एक अधिकारी ने लखनऊ से अपने खास युवक को बुलाकर जेम पोर्टल में खरीदारी कराई थी। जबकि शासन से सख्त निर्देश हैं कि बाहरी युवक को सरकारी काम में शामिल नहीं किया जाए।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिला अस्पताल में 2.12 करोड़ रुपये से जरूरी सामान की खरीदारी हुई थी। मामले में गड़बड़ी की आशंका के चलते तत्कालीन डीएम नेहा जैन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी को खरीद में भारी गड़बड़ी मिली है। 70-80 लाख रुपये को सामान को अस्पताल की क्रय समिति ने करीब दो करोड़ रुपये से खरीदा था। इस खरीद फरोख्त में एक प्राइवेट व्यक्ति भी शामिल है, लेकिन जांच कमेटी को इस बारे में भनक तक नहीं है। जिला अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार क्रय समिति में शामिल एक अधिकारी ने अपने खास व्यक्ति को लखनऊ से बुलाकर जेम पोर्टल को संचालित कराया। इस दौरान वह तीन दिन जिले के होटल में ठहरा हुआ था। उसकी व्यवस्था एक अधिकारी ने की थी। उसी व्यक्ति ने जेम पोर्टल से खरीदारी की, क्योंकि क्रय समिति को डर था कि सरकारी ऑपरेटर पर कहीं किसी को सूचना न दे दे, इस वजह से लखनऊ से युवक को बुलाया गया था। जबकि शासन से आदेश हैं कि बाहरी व्यक्ति को सरकारी काम में शामिल नहीं किया जा सकता है।
जांच समिति को सामग्री पर चस्पा मिला वास्तविक मूल्य
जांच समिति में शामिल अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल में खरीदे गए सामान की जांच में कई तथ्य ऐसे सामने आए जो वित्तीय अनियमितता की स्वयं पुष्टि कर रहे थे। अधिकारी बताते है कि कई सामान के ऊपर उनके वास्तविक मूल्य की पर्ची चस्पा थी। मगर भुगतान डेढ़ से दो गुने में किया गया। इस बात का जांच अधिकारी ने जब क्रय समिति में शामिल लोगों से जवाब मांगा तो सही जवाब नहीं मिला।
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जल्द होगी बड़ी कार्रवाई
सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में जिलाधिकारी ने कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस पर शासन से बड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही अनियमितता में दोषी लोगों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है।