कानपुर में जूही परमपुरवा चौकी इंचार्ज पर बगैर जांच युवक पर कार्रवाई करने का आरोप लगा है। दरोगा ने एक मामले में बिना जांच किए पहले तो युवक समेत पूरे परिवार पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद बातचीत के बहाने युवक को चौकी बुलाने के बाद जेल भेज दिया।
अधिकारियों को उसकी गिरफ्तारी कहीं और से दिखाकर गुमराह करने का भी प्रयास किया। मामले में पीड़ित की मां की शिकायत पर आईजी ने दरोगा पर जांच बैठा दी है। जूही परमपुरवा निवासी महिला ने आईजी मोहित अग्रवाल को बताया कि करीब एक साल पहले मोहल्ले में रहने वाले कपड़ा कारोबारी ने उनसे छेड़छाड़ की थी।
परमपुरवा चौकी में शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद से वह उन्हें अक्सर छेड़ने लगा। 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने के बाद कारोबारी को महिला थाने बुलाया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि कारोबारी ने परमपुरवा चौकी इंचार्ज देव नारायण द्विवेदी से सेटिंग कर अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी।
दरोगा ने 26 दिसंबर को चौकी बुलाकर बेटे को बैठा लिया। 27 दिसंबर को झंडे वाले चौराहे से गिरफ्तारी दिखाकर उसे जेल भेज दिया। आईजी ने आरोपों की पुष्टि के लिए दरोगा से 26 दिसंबर की शाम को चौकी के अंदर के सीसीटीवी फुटेज तलब करने के साथ एसपी साउथ दीपक भूकर को मामले की जांच सौंपी है।
बातचीत का ऑडियो वायरल
महिला और चौकी इंचार्ज के बीच बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें चौकी इंचार्ज महिला से यह कहते सुनाई दिए हैं कि अगर पहले ही समझौता कर लेतीं तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। मामले में आईजी कहना है कि अगर किसी बेगुनाह को फंसाने के साक्ष्य मिलते हैं तो चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।