फाइल फोटो प्रशांत, बेटे की मौत के गम में घर में रोती बिलखती मां गायत्री देवी, लगी ग्रामीणों की भीड़
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फतेहपुर गाजीपुर थाना क्षेत्र के गंभरी गांव में लापता लड़के का शव जंगल में महुआ के पेड़ से शव लटकता हुआ मिला। शरीर पर चोटों के निशान, चेहरा व पैर का हिस्सा जला होने से पुलिस उसकी हत्या किए जाने की बात कही है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के गंभरी गांव निवासी जुगुन का बड़ा बेटा प्रशांत उर्फ सुखलाल माली (22) मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। एक माह पहले दिवाली के त्योहार पर गांव आया था। वह घर से 15 नवंबर को अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने समझा कि वापस मुंबई चला गया है। दो दिन तक परिजन मोबाइल पर संपर्क करते रहे। इसके बाद मुंबई में उसके करीबियों से संपर्क किया। कोई जानकारी न होने पर 18 नवंबर को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। गुरुवार को पड़ोसी गांव शाखा के जंगल में दुर्गंध आने पर चरवाहे मौके पर पहुंचे। वहां फंदे से शव लटका देख चीखते हुए भागे। उन्होंने शाखा प्रधान को सूचना दी। वहां पहुंची पुलिस ने लापता युवक के परिजनों को खबर दी। पिता जुगुन ने बेटे की शिनाख्त की।
पिता ने आरोप लगाया कि उसे बेटे का शरीर अधजला दिखा है, चोट के भी निशान हैं। ऐसे में उसकी हत्या की गई है। उसे जलाने की भी कोशिश हुई। हालांकि वह किसी को नामजद कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। उधर, बेटे की मौत से मां गायत्री रो-रोकर बेहाल हो गई। पुलिस भी शरीर के नीचे हिस्से को जला मान रही है। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि हत्या के बाद फांसी पर उसे लटका दिया होगा। उसके बाद पैर के हिस्से से जलाने की कोशिश की गई होगी। एसओ सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि मौत कई दिन पहले हुई है। अधजला शरीर होने की वजह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। इसी वजह से दुर्गंध फैली और बॉडी फूलकर काली हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सारी स्थिति साफ हो सकेगी।