वहां से उसकी पत्नी कानपुर चली गई और संजय तारीख के बाद जब घर वापस लौटा, तो अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और खून की उल्टियां शुरू हो गईं। परिजनों का आरोप है कि अपहरणकर्ताओं के पक्ष की ओर से आए लोगों द्वारा उसे कुछ खिला दिया गया। इससे उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे कुछ खिलाया और फिर रुपए दिए। जिससे उसकी मौत हो गई। कोतवाल दुर्गविजय सिंह का कहना है कि संजय की मौत के कारण पोस्टमार्टम के बाद ही सही स्थिति पता चल सकेगी। वह अपहरण मामले में गवाह था, जिसने मोबाइल छीनने का मुकदमा भी दर्ज कराया था।