कानपुर चिड़ियाघर में आने वाले लोग जल्द ही ‘वाइल्ड लाइफ’ फिल्में भी देख सकेंगे।
इसके लिए झील के पास बने अंग्रेजों के जमाने के दो मंजिला कॉन्फ्रेन्स हॉल को इंटरप्रेटेशन सेंटर और म्यूजियम में विकसित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के तमाम जानवरों की तस्वीरें, उनके कल्चर, रहन-सहन की जानकारी होगी। यहां 20 से 30 मिनट की लघु फिल्में स्क्रीन पर चलाई जाएंगी। करीब 300 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। शासन की ओर से नामित रिटायर प्रमुख वन संरक्षक मोहम्मद एहसान ने चिड़ियाघर के निरीक्षण के दौरान जू निदेशक दीपक कुमार को ये निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अफ्रीका से चिंपाजी, जेब्रा और जिराफ को लाने की कोशिश भी शुरू हो गई है। साथ ही शेरों, बंदरों और चिड़ियों की कई नई प्रजातियां भी यहां जल्द लाई जाएंगी। उन्होंने मछलीघर में स्थानीय मछलियों की प्रजातियां लाने के साथ बाघों के बाड़े के आगे बने डायनासोर के मॉडल को दूर से ही दर्शकों को दिखाने के लिए काम के निर्देश दिए। टॉयलेट की सफाई दिन में तीन बार, नियमित रूप से आरओ मशीन का फिल्टर बदलने, सूखी लकड़ियों के ढेरों को हटाने के निर्देश भी दिए। वह सहायक वन संरक्षक केवल प्रसाद, जू निदेशक के साथ बैटरी रिक्शे से बाल ट्रेन को देखने गए और ऑपरेटर को सुरक्षा के मानकों का ख्याल रखने के सख्त निर्देश दिए।