लोगों ने अभी तक सीएम योगी आदित्यनाथ को मुखर अंदाज में ही अपनी बात रखते देखा होगा, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था कि सख्त लहजे वाले योगी को कदम-कदम पर जान का खतरा था। ये बात साल 2006 की है। 27 जनवरी को दो समुदायों में झड़प के बाद गोरखपुर में तनाव था। जिसके बाद भाजपा सांसद आदित्यनाथ पर बड़ा जानलेवा हमला हुआ था।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
इस हमले में वह बाल-बाल बच गये थे। ये हमला इतने बड़े लेवल पर था कि योगी के समर्थकों की सौ से ज्यादा गाड़ियों को हमलावरों ने घेर लिया और तोड़फोड़ कर लोगों को लहुलुहान कर दिया। इसी बीच जमकर फायरिंग हुई थी। भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ गोलियां भी बरसाईं थीं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
बेबाक और कट्टर हिन्दूवादी छवि रखने वाले योगी आदित्यनाथ इस घटना के बाद लोकसभा में यूपी पुलिस की बर्बरता का वर्णन करते हुए रो पड़े थे। साल 2006 में लोकसभा अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखते हुए योगी फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा सरकार उन्हें निशाने पर लेकर पुलिस के जरिए तंग करा रही है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तरप्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार उनके खिलाफ षडयंत्र कर रही है और उन्हें जान का खतरा है। तब मुलायम सिंह यादव यूपी के सीएम थे। गोरखपुर जाते हुए उन्हें शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उन्हें उस मामले में 11 दिन जेल में रखा गया।