प्राधिकरण दिवस पर समस्याएं सुनतीं केडीए वीसी जयश्री भोज।
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कानपुर। केडीए में लिपिकों-अभियंताओं-सुपरवाइजरों का गठजोड़ आवंटियों पर भारी पड़ रहा है। केडीए के समस्या समाधान शिविर और हर माह प्राधिकरण दिवस के बावजूद आवंटी केडीए के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को केडीए में लगे प्राधिकरण दिवस में भी वर्षों से परेशान लोगों ने शिकायत दर्ज कराईं।
10 बजे से शुरू हुए दिवस में कुल 61 आवेदन मिले। केडीए वीसी जयश्री भोज ने 16 जून को आयोजित हुए दिवस में दर्ज समस्याओं के निस्तारण की प्रगति जानी। इसके बाद लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने हर हाल में जनता के कामों को प्राथमिकता के आधार पर निबटाने के निर्देश दिए। इस दौरान सचिव केपी सिंह, अपर सचिव पीके सिंह, अनिल भटनागर, वित्त नियंत्रक वीके लाल, मुख्य अभियंता वीके गोयल, सीएटीपी स्वराज गांगुली, आशीष शिवपुरी, उप सचिव मयंक यादव, सीताराम सोमकमल आदि मौजूद रहे।
रजिस्ट्री के बाद कब्जे के लिए भटक रहे
सभासदपुरम, बर्रा-7 के दो प्लॉटों के आवंटी महेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि साल भर पहले योजना में ए-4 और ए-6 भूखंडों की रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद से लगातार कब्जे के लिए केडीए के चक्कर काट रहे हैं। मौके पर भूखंडों पर कब्जा हो चुका है। कब्जेदारों ने कोर्ट से स्टे ले लिया है। केडीए की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
िल रही तारीख पर तारीख
163, सफीपुर सेकेंड की सुषमा कांजीलाल ने बताया कि समाधान शिविर में अवैध निर्माण को सील करने के लिए 19 जुलाई 2016 की डेट तय की थी। उस दिन चकेरी थाने में फोर्स भी मौजूद थी। दिन भर केडीए का कोई अधिकारी नहीं आया। केडीए के सुपरवाइजर ने फोर्स न होने के कागज पर साइन करा लिए। अब फिर कब्जा गिराने के लिए नई डेट दे दी गई है। बीते कई साल से केडीए के चक्कर काट रही हूं।