कानपुर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से आरोग्य सेतु एप एक स्वस्थ इंजीनियर को संक्रमित बताने लगा। इससे इंजीनियर परेशान हो उठे। बाद में अहमदाबाद से फोन कर उन्हें बताया गया कि यहां के एक कोरोना संक्रमित के मोबाइल नंबर की जगह उनका नंबर फीड हो गया है।
इंजीनियर ने बताया कि वह दबौली वेस्ट में किराये के मकान में रहते हैं। पांच मई को एप लाल रंग दर्शाते हुए उन्हें कोरोना संक्रमित बताने लगा। उसी रात अहमदाबाद से उनके पास दो फोन आए, पर वे गुजराती भाषा नहीं समझ पाए। इसके बाद छह मई को भी कई फोन आए।
अंत में वहां की एक उप निरीक्षक ने टूटी फूटी हिंदी में उन्हें गलत नंबर फीड होने की जानकारी दी। बकौल इंजीनियर तब से उनके पास कोई फोन तो नहीं आया लेकिन इस लापरवाही से वे बहुत तनाव में आ गए। उन्होंने अपने दफ्तर में जानकारी देकर खुद को कमरे में कैद कर लिया है। मकान मालिक को नहीं बताया कहीं वह कमरा न खाली करा ले।