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इंटरनेट युग में युवाओं के बीच कुछ यूं लोकप्रिय हो रही लेखक कुलदीप की 'आई लव यू'

Sat, 29 Sep 2018 06:14 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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लेखक कुलदीप राघव
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लेखक कुलदीप राघव की किताब 'आई लव यू' इन दिनों युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स के युग में पढ़ने वालों के बीच किताबों का मोह अभी दूर नहीं हुआ है। यही वजह है कि कुलदीप की 'आई लव यू' कहानी लोगों को प्रभावित कर रही है। 
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कुलदीप लेखक होने के साथ-साथ पत्रकार भी हैं। कुलदीप बताते हैं कि उन्होेंने अपनी किताब 'आई लव यू' की कहानी का प्लॉट कानपुर में रहकर तैयार किया था। छह महीने कानपुर में रहने के दौरान उन्होंने अपनी इस किताब की कहानी लिखी थी।  'आई लव यू' अमेजॉन पर हर रोज बड़ी संख्या में बुक हो रही है। देश के अलग-अलग शहरों के तमाम बड़े बुक स्टाल्स पर यह किताब उपलब्ध है। रेड ग्रैब बुक पब्लिकेशन, इलाहाबाद की ओर से इस किताब का प्रकाशन किया गया है। इसके अलावा सभी रेलवे स्टेशन के स्टॉल्स पर भी यह किताब बिक रही है।  कुलदीप ने बताया कि इस किताब की कहानी की शुरुआत साल 2013 में हुई थी। 'आई लव यू' की पूरी कहानी काल्पनिक है। इससे पहले कुलदीप राघव भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोग्राफी 'नरेंद्र मोदी-एक शोध' लिख चुके हैं, जोकि बेस्ट सेलर साबित हुई है। 
 

'आई लव यू' की कहानी

लेखक कुलदीप राघव की किताब हो रही लोकप्रिय
किताब के बारे में कुलदीप राघव ने बताया कि 'आई लव यू' एक ऐसी प्रेम कहानी है, जिस पर आपको विश्वास नहीं होगा। चाहत और मोहब्बत किस कदर हावी होती है कि आप उम्र के तमाम बंधनों को दरकिनार कर देते हैं। इस प्रेम कहानी को अविश्वसनीय इसलिए कहा गया है कि एक साथ कॉलेज में पढ़ते हुए, एक साथ सफर करते हुए, एक साथ बचपन से रहते हुए दो हम उम्र लोगों के बीच प्यार होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन ये कहानी है एक जगह काम करने वाले 25 साल के ईशान और 30 साल की स्नेहा की, जो बिलकुल अलग हैं। दोनों एक ऑफिस में हैं लेकिन डिपार्टमेंट अलग हैं। ऑफिस में दोनों कभी नहीं मिले, लेकिन एक ऑफिशियल ईवेंट के लिए दोनों तीन दिन के लिए चंडीगढ़ जाते हैं। ईशान अपनी जिंदगी में प्यार तलाश रहा है और स्नेहा प्यार करके खत्म कर चुकी है। लव मैरिज और उसके बाद ससुराल की यातनाओं के बाद तलाक एक बेटी की जिम्मेदारी के अलावा उसकी जिंदगी में कोई रोमांच नहीं है। साथ सफर में स्नेहा ईशान को समझती है और दोनों करीब आते हैं। यहां से इस मोहब्बत की कहानी की शुरुआत होती है। 



 
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पूर्व राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं कुलदीप

लेखक कुलदीप राघव
मूल रूप से खुर्जा निवासी 26 साल के कुलदीप राघव लेखक होने के साथ-साथ फिल्म पत्रकार भी हैं। 1992 में जन्मे कुलदीप बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन और जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशट हैं। एंकरिंग स्पीच और डिबेट कंपटीशंस में कई पुरस्कार जीत चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति दिवगंत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से सम्मानित हो चुके हैं। पहली किताब 'नरेंद्र मोदी-एक शोध' के लिए शिवकुमार गोयल पत्रकारिता पुरस्कार और मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।  हाल ही में कुलदीप को कोलकाता की संस्था 'द इंडियन आवाज' की ओर से 100 इन्सपायरिंग ऑथर्स की लिस्ट में शामिल किया गया है। 
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