श्रम एवं रोजगार मंत्री शाहिद मंजूर ने शुक्रवार को शहर में कहा कि प्रदेश के मजदूरों को सस्ते दर पर दोपहर का खाना उपलब्ध कराया जाएगा।
इसका खाका तैयार कर लिया गया है। एक जनवरी 2015 से लखनऊ में इस योजना की शुरूआत की जाएगी। फिर कानपुर के मजदूरों को दोपहर का सस्ता खाना उपलब्ध कराने का काम शुरू होगा।
श्रम विभाग की तमाम योजनाओं का लाभ देने शुक्रवार को शहर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ यहां पहुंचे श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि मजदूरों के बच्चों के पालन - पोषण और उनकी शिक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री के आदेश पर ही पालना गृह बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
पहले चरण में लखनऊ और दूसरे चरण में कानपुर का पालना गृह बनाया जाएगा। इससे पहले कानपुर के कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने मजदूरों का आंकड़ा पेश किया।
कहा कि कानपुर मंडल में मजदूरों की संख्या काफी कम है। अगले तीन साल में इसे बढ़ाकर 3.50 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
छह जिलों में हर साल 10-10 हजार मजदूरों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है। कानपुर नगर में एक लाख मजदूरों का रजिस्ट्रेशन होना है।
‘कानपुर को गोद लें मुख्यमंत्री’
कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक सतीश निगम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कानपुर नगर को गोद लेने की अपील की है।
सरकारी कार्यक्रम में बोलने पहुंचे विधायक ने कहा कि कानपुर नगर का विकास तेजी से हो रहा है। सड़क, ओवरब्रिज बन रहे है। यदि मुख्यमंत्री इस शहर को गोद ले लेंगे तो सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।