फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: जलने के बाद 30 फीट नीचे गिरे मजदूर, भागा प्रबंधन

Tue, 22 Sep 2026 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रनियां। जरिहा गांव में पुराने टायर गलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी के भंडारण टैंक में सोमवार शाम आग लगने से वेल्डिंग कर रहे दो मजदूर जलकर 30 फीट नीचे जमीन पर आ गिरे। इससे दोनों की उनकी जान चली गई। हादसे से डरे-सहमे मजदूर व फैक्टरी प्रबंधन मौके से भाग निकला। किसी भी कर्मचारी के मौके पर न मिलने से पुलिस को शव की शिनाख्त करवाने में परेशानी हुई।
विज्ञापन

फैक्टरी में लगी आग बुझने के बाद पुलिस व दमकल टीम ने फैक्टरी में काम कर रहे श्रमिकों की जानकारी को लेकर जांच की। इस दौरान फैक्टरी में पूरा परिसर देखा। इसके साथ ही टैंक पर चढ़ कर जांच पड़ताल की गई। हालांकि अग्निकांड के बाद फैक्टरी में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। वहीं, पुलिस और दमकल ने फैक्टरी परिसर के कोने-कोने की जांच पड़ताल की। इधर, घटनास्थल पर दो थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। वहां की स्थिति का जायजा लिया है।
वहीं, ग्रामीणों के मुताबिक फैक्टरी रोजाना संचालित होती है। इस फैक्टरी में करीब सात से आठ मजदूर काम करते हैं। सीओ सदर संजय सिंह ने बताया कि बताया कि फैक्टरी प्रबंधन व मजदूरों के मौके पर न मिलने से टैंक के ऊपर चढ़कर काम करने वाले मजदूर की शिनाख्त नहीं हो सकी है। एक मजदूर के पास से जालौन जनपद के कालपी निवासी रियाज (45) नाम का आधार कार्ड मिला है जबकि दूसरे व्यक्ति के पास से कोई भी पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। जालौन जनपद की पुलिस की मदद से मजदूर के परिजन का पता लगाकर शिनाख्त करवाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि है कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर फैक्टरी के कर्मचारी नहीं थे। वह कुछ माह के अंतराल में फैक्टरी में रखरखाव का कार्य करने के लिए आते थे।
विज्ञापन

.......................
मौजूद रहा गजनेर व रनियां थाने का पुलिस बल
जरिहा गांव के बाहर संचालित टायर फैक्टरी में बने स्टोरेज टैंक में आग लगने के बाद उच्चाधिकारियों से लेकर रनियां व गजनेर थाने का फोर्स मुस्तैद रहा। वहीं, एसडीएम अमित कुमार, एसडीएम राज कुमार पांडेय तहसीलदार पवन कुमार सहित लेखपाल मौजूद रहे। सीएफओ प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया की घटना के सही कारणों की लेकर जांच की जा रही है।
..............
फैक्टरी में कितने मजदूर थे मौजूद नहीं हो सका स्पष्ट
ग्रामीणों के मुताबिक टायर फैक्टरी में प्रतिदिन सात से आठ मजदूर काम करते हैं और सभी फैक्टरी परिसर में बने कमरे में रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार को दो मजदूर टैंक में चढ़कर काम कर रहे थे। तभी धमाके के साथ हादसा हो गया। इसके बाद आग की लपटें देख श्रमिक और फैक्टरी मालिक फैक्टरी छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों ने बताया कि गाड़ी तेज रफ्तार से ले जाने के दौरान सड़क से गुजर रहे दो युवक बाल-बाल बच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें