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देर से जागे अफसर पीएम मोदी को दिखाएंगे ‘जुगाड़’ की निर्मल गंगा, सभी नालों का काम 14 तक होना मुश्किल

Mon, 09 Dec 2019 04:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पीएम मोदी(फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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अफसर 14 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  पांच प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और 10 कैबिनेट मंत्रियों को ‘जुगाड़’ की निर्मल गंगा दिखाएंगे। गंगा में गिर रहे रानी घाट सहित 12 नालों के मुहानों पर गड्ढे बनाए जा रहे हैं। नालों का गंदा पानी इन गड्ढों में जाएगा। फिर पंपिंग सेट के जरिये उसे नजदीकी सीवर लाइन तक पहुंचाया जाएगा।
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देर से जागे अफसर घाट-घाट जाकर जल्द से जल्द यह काम पूरा कराने की कोशिश में हैं, ताकि पीएम के आने से पहले गंगा में एक बूंद भी गंदा पानी न जाए। सीएम ने शुक्रवार को अपने दौरे के दौरान भी यह स्पष्ट कर दिया था कि पीएम को गंगा पूरी तरह स्वच्छ दिखनी चाहिए। वैसे जिस तरह से गंगा को निर्मल बनाने का ‘जुगाड़’ किया जा रहा, वह स्थायी नहीं है। ये काम भी 14 दिसंबर के पहले पूरे हो पाएंगे, इसमें संशय है। रविवार को ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की, तो देखा कि नाले गंगा में गंदा पानी उगल रहे हैं।

अटल घाट के बगल में ही गिरता रहा परमिया नाला
गंगा बैराज के पास स्थित अटल घाट से चंद कदम दूर परमिया नाला गंगा को गंदा करता नजर आया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसर आजाद नगर, टीबी अस्पताल नाला, नवाबगंज नाला सहित पांच नाले इस नाले में आकर मिलते हैं। अफसर इसे टैप करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन रविवार को इस नाले से तेज रफ्तार में गंदा पानी गंगा में गिरता नजर आया।  

रानी घाट नाला भी उड़ेलता रहा गंगा में गंदगी
अटल घाट और भैरोघाट पंपिंग स्टेशन के बीच स्थित रानी घाट नाला भी गंगा में गंदगी उड़ेलता नजर आया। हालांकि, वहां इसे गंगा में गिरने से रोकने के लिए मुहाने पर जेसीबी से गड्ढा खोदा जाता रहा। टैपिंग का जायजा लेने पहुंचे गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक हरीश कुमार कंसल को सहायक अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि वहां चैंबर बनाया जाएगा।
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उसमें रानीघाट और सरजूपुरवा बस्ती का गंदा पानी इकट्ठा होगा, वहां से 200 मीटर दूर वीआईपी रोड के पास सीवर लाइन तक पाइप बिछाए जाएंगे। पंपिंग स्टेशन से पानी लिफ्ट कर गहरी सीवर लाइन के माध्यम से जाजमऊ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पहुंचाया जाएगा। जीएम ने रात में ही चैंबर निर्माण शुरू करने और तीन दिन में नाला टैप कर ट्रायल करने के निर्देश दिए।

परमट नाले की टैपिंग के दौरान बहता रहा पानी
परमट में गंगा के मुहाने से आनंदेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार के सामने जेसीबी से खुदाई कर पाइप डाला जा रहा था। यह कार्य करा रहे गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के ठेकेदार सृष्टि कंपनी ने मुख्यद्वार पर अंग्रेजों के जमाने में पड़ी ट्रंक लाइन (ईटों से बना नाला) भी तोड़ दिया। उससे गंदा पानी गंगा में जाता रहा, हालांकि पानी का फ्लो पहले से कम था।

मंदिर का गेट बंद होने से भक्तों को भी आने - जाने में दिक्कत हो रही थी। यह कार्य करा रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि ने बताया कि नई व्यवस्था के बाद परमट में गंगा किनारे स्थित बस्ती का गंदा पानी परमट सीवेज पंपिंग स्टेशन पहुंचाया जाएगा, जहां से वह जाजमऊ एसटीपी जाएगा। रात में मंदिर गेट के सामने कार्य पूरा कर गड्ढा पाट दिया जाएगा।
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