कानपुर देहात। लोक निर्माण विभाग के 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ लागत वाले कार्यों की टाइम लाइन जारी की गई है। जिले में सड़क निर्माण के कई कामों की केवल शुरुआत भर हो सकी है। मांचा की सड़क के लिए केवल नापजोख कराई जा सकी है। डेढ़ माह बाद बारिश की शुरुआत हो जाएगी। इससे सड़क के कार्य प्रभावित होंगे। हालांकि कई काम तेजी से कराए गए हैं, इन सड़कों पर डामरीकरण का इंतजार है।
जिले में लोक निर्माण विभाग की पांच करोड़ से लेकर 54 करोड़ तक के काम कराए जाने हैं। इसमें 10 सड़कों का चौड़ीकरण और नदी पर दो सेतु के काम हैं। 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ तक की लागत वाले कामों को पूरा कराने के लिए 15 माह की टाइमलाइन है। वहीं इससे कम लागत के काम नौ माह में कराए जाने हैं। करीब 54 करोड़ से चौबेपुर बेला मार्ग में किमी 15 से किमी 29 तक कुल 15 किमी सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत नहीं हो सकी है। करीब 29 करोड़ से दलेल नगर से सिहारी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य दो दिन पहले से शुरू हुआ है।
माचा से अमरौधा पातेपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए अभी नापजोख हुई है। वहीं, 6.43 करोड़ से नोनापुर से सुजौर के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए गिट्टी भराई का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा 10.94 करोड़ से तिगाईं रोशनमऊ की सड़क पर बजरी डालने के बाद डामरीकरण होना है। करीब 24 करोड़ से बुधौली-रसधान डेरापुर सड़क का करीब 50 फीसदी काम हुआ है। जिस हिस्से में बजरी डालने का काम पूरा हो गया है वहां अब डामरीकरण कराया जाना है। बता दें कि इस्राइल-अमेरिका व ईरान के बीच युद्ध के चलते बिटुमिन के दाम दोगुना हो गए हैं। इसको लेकर डामरीकरण के काम में अड़चन जरूर है। ठेकेदार मुआवजे की मांग रहे हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि इस पर जल्द की सरकार की ओर से निर्णय लेने की उम्मीद है।
.......................
दो पुलों का शुरू नहीं हो सका काम
मैथा क्षेत्र में रिंद नदी पर परहुल देवी मंदिर के पास करीब 14 करोड़ से 90 मीटर लंबाई में पुल बनाने की मंजूरी मिली है। इसी प्रकार डेरापुर के इंदरुख में सेंगुर नदी पर 18.49 करोड़ रुपये से 90 मीटर लंबाई में पुल बनाने की मंजूरी मिली है। लोक निर्माण विभाग की ओर से अब टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।
.................
बयान..........
सड़क बनाने के लिए लागत के अनुसार टाइमलाइन टेंडर के समय ही तय कर दी जाती है। इसी के अनुसार कार्य प्रगति की समीक्षा होती है। बिटुमिन के दाम बढ़ गए हैं। वहीं बिटुमिन उपलब्ध होने में भी मुश्किल आ रही है। बढ़े दामों भी भरपाई के लिए सरकार अतिरिक्त धनराशि देने के लिए राजी है। जल्द ही रूपरेखा तय होने की उम्मीद है। - सुनील सिंह, एक्सईएन प्रांतीय खंड।