कानपुर देहात। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 12 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें स्वयं सहायता समूह की 35 महिलाओं को मोमबत्ती, अगरबत्ती, धूपबत्ती और दिया निर्माण का व्यावहारिक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में करीब 10 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही है। इसके अलावा एनआरएलएम विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समूह से जोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्हें आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षित कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस योजना के तहत समूह के शामिल हुई 35 महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान सामान्य मोमबत्ती के साथ-साथ गणेश-लक्ष्मी मूर्ति निर्माण, मिट्टी और गोल्ड वर्क से दिया बनाने की कला सिखाई जाएगी।
आरसेटी प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि अगरबत्ती और धूपबत्ती निर्माण में खुशबू, सामग्री मिश्रण और गुणवत्ता बनाए रखने के गुर बताए जाएंगे। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता बाजार आधारित प्रशिक्षण है। महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार उत्पाद बनाना, पैकेजिंग, मार्केटिंग और गुणवत्ता नियंत्रण की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उद्यमिता विकास (ईडीपी), बैंकिंग सुविधाएं, वित्तीय साक्षरता और सीएम युवा लोन योजना के बारे में भी बताया जाएगा ताकि प्रशिक्षण के बाद वे अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकें।
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बयान......
महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान सफल उद्यमियों से मार्गदर्शन दिलाया जाएगा। दिवाली व अन्य त्योहारों पर इन उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में यह प्रशिक्षण महिलाओं की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - मयंक कटियार, निदेशक, आरसेटी