कानपुर देहात। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सीआईएफ (सामुदायिक निवेश निधि) के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए शासन से 9.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे 905 समूहों को कारोबार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर कारोबार शुरू करने को प्रेरित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार संचालित नौ हजार समूह से करीब एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर स्व रोजगार कर रही हैं। इनमें कई समूह छोटे स्तर पर काम करने के बाद अब काम को आगे बढ़ाना चाहती हैं। इसके लिए इनके द्वारा सीआईएफ के तहत मिलने वाले ऋण के लिए आवेदन किया था। अब इस धनराशि से महिलाएं कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगी और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकेंगी।
जिला मिशन प्रबंधक बृजेश गौतम ने बताया कि समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद स्टार्ट अप के लिए दो हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। इससे वह स्टेशनरी आदि सामग्री की खरीदारी करती है। करीब तीन महीने बाद कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यकता अनुसार आवेदन करने पर 1.5 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इन्हीं आवेदनों के क्रम में शासन से धनराशि प्राप्त हुई है। इससे महिलाओं को छोटे स्तर पर काम को आगे बढ़ाने पर सुविधा होगी। इसके छह महीने बाद इन्हें सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के तहत छह लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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शासन से सीआईएफ के तहत समूह की महिलाओं को धनराशि उपलब्ध कराए जाने के लिए करीब 9.46 करोड़ की धनारशि स्वीकृत हुई है। इस धन का उपयोग समूह की महिलाओं को कारोबार शुरू कराने में किया जाएगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन स्वयं की आमदनी कर सकेंगी। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम