भोगनीपुर में शनिवार को फ्लाईओवर के कानपुर नाके पर खड़े ट्रक को हटाने में ड्राइवर और कोतवाली के जीप चालक के बीच विवाद हो गया। बीच में आई ट्रक ड्राइवर की मां ने तीन पुलिसकर्मियों पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया। उत्तेजित ग्रामीणों ने शाम 6 बजे फ्लाईओवर के नीचे जाम लगा दिया। सामने आए जीप चालक की धुनाई कर दी और उसकी वर्दी फाड़ दी। दस दौरान इटावा-घाटमपुर रोड पर आवागमन बाधित हो गया। एसडीएम के रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाने डेढ़ घंटे बाद जाम खुला। एसपी ने जीप चालक और सिपाही को निलंबित कर दिया है।
भोगनीपुर निवासी मोहम्मद उमर की पत्नी शकीला ने बताया कि उसका पुत्र मोहम्मद शामिर ट्रक चलाता है। फ्लाईओवर के पास पहिया पंचर होने पर वह ट्रक खड़ा कर अपने भाई मोहम्मद सिवली के सहयोग से पहिया बदल रहा था।
पुलिस जीप से पहुंचे उपनिरीक्षक आशाराम चौधरी, सिपाही शकील व जीप चालक सत्येंद्र सिंह यादव ट्रक हटाने के लिए कहकर मारपीट करने लगे। वह भी मौके पर पहुंच गई और बेटों को बचाने लगी, जिस पर तीनों पुलिसकर्मियों ने उसे ठोकर मारकर गिरा दिया।
जाम लगाए लोग तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे थे। जानकारी मिलने पर कोतवाल अंबरीश यादव जीप से पुलिस बल लेकर पहुंच गए, तभी ग्रामीणों ने जीप चालक को घ्ासीट कर पिटाई कर दी।
उसकी वर्दी भी फट गई। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ने तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया, तब लोग रोड से हटे।
इस बाबत कोतवाल का कहना है कि ट्रक में कच्चा चमड़ा लदा था। जिसकी बदबू से परेशान नजदीकी लोगों ने ट्रक हटवाने की पेशकश की थी। इस पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया था। ट्रक ड्राइवर व उसका भाई उनसे भिड़ गए।
महिला के लिपटने पर पुलिसकर्मियों ने उसे हटा दिया था। तहरीर मिलने पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक सभाराज सिंह ने बताया कि जीप चालक सत्येंद्र यादव व सिपाही शकील को निलंबित कर दिया है।