दादानगर की विवेकानंद मलिन बस्ती में घुटने तक सीवर का गंदा पानी भरने से क्षेत्रीय महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज महिलाएं सड़कों पर उतर आयी और रोड जाम करके हंगामा किया।
इसी बीच सूचना पाकर पुलिस और पार्षद पहुंच गईं। इस पर आक्रोशित महिलाओं ने पार्षद को गंदे पानी में खींचकर विरोध जाहिर किया। पुलिस के बीच-बचाव करने के बाद महिलाएं शांत हुईं। इसके बाद जेटिंग मशीन से सफाई शुरू हुई। विवेकानंद मलिन बस्ती में बीते दो दिनों से गंदा पानी भरा हुआ है।
क्षेत्र में रहने वाली संगीता देवी, अंजू गुप्ता, प्रेमा गौतम, लक्ष्मी देवी, सोनी, सुशीला, लक्ष्मी गुप्ता, लता आदि ने बताया कि गंदे पानी के कारण घरों में कैद होकर रह गई हैं। इसके अलावा क्षेत्र में संक्रमण का खतरा भी पैदा हो गया। उन्होंने समस्या से निजात के लिए पार्षद से गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। शुक्रवार सुबह भी वह शिकायत लेकर पार्षद के पास पहुंचीं।
उन्होंने पार्षद को धरना देने की चेतावनी भी दी, लेकिन उनके कान में जूं नहीं रेंगी। इससे आक्रोशित महिलाओं ने दादानगर सड़क को जाम कर दिया और पार्षद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इधर, बवाल की सूचना पाकर गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और बवाल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं पार्षद को मौके पर बुलाने पर अड़ी रहीं। पार्षद के आने के बाद महिलाएं उन्हें गंदे पानी में खींचने के बाद शांत हुईं।
पार्षद लाली गुप्ता का कहना है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी और कचड़े के कारण नाला अक्सर चोंक हो जाता है। समस्या के समाधान के लिए पक्के नाले को तुड़वाकर साफ कराया जाएगा। इसके लिए अनुमति लेंगी।