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आईआईटी और सीएसजेएम विवि में छात्रा से छेड़छाड़ मामले की महिला आयोग करेगा जांच, जल्द आ सकती टीम

Tue, 17 Sep 2019 12:54 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आईआईटी और कानपुर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी कानपुर में फ्रेंच छात्रा और कानपुर विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले का महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। दोनों मामलों की जांच महिला आयोग करेगा। आयोग की सदस्य कमलेश गौतम ने दोनों ही मामलों में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। उन्होंने दोनों संस्थानों से रिपोर्ट तलब की है।
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कमलेश ने कहा कि आईआईटी में फ्रेंच छात्रा से प्रोफेसर द्वारा की गई हरकत अपराध है। कहा कि वह खुद संस्थान जाकर इस मामले की जांच करेंगी और पता करेंगी कि क्या पहले भी आरोपी प्रोफेसर ने छात्राओं या कैंपस की अन्य महिलाओं के साथ जबरदस्ती तो नहीं की है। उधर विवि के मामले में कहा कि इसकी जानकारी भी समाचार पत्र के माध्यम से हुई है। अब छात्रा से मिलकर उसकी पूरी दास्तां और शिकायत सुनेंगी।
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शिक्षण संस्थानों में छात्राओं को मिले सुरक्षा
कमलेश ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अगर छात्राएं सुरक्षित नहीं है तो संस्थान प्रशासन को इसके लिए जवाब देना होगा। उन्हें छात्राओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने होंगे। गौतम ने कहा कि छात्राओं पर दबाव बनाकर उसे न्याय देने के बजाय डराने पर संबंधित शिक्षण संस्थान के अधिकारियों पर आयोग सख्त कार्रवाई करेगा।

सीएसए छात्रा ने बताया कि रैगिंग होती है
कमलेश ने बताया कि सीएसए में छत से कूदने वाली छात्रा दिव्या कमल का बयान अभी पूरी तरह से दर्ज नहीं हो पाया है। हालांकि छात्रा ने हल्के शब्दों में यह जरूर बताया है कि कैंपस में रैगिंग होती है। रैगिंग का स्वरूप क्या है और क्या छात्रा के साथ भी रैगिंग हुई है, इन सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।
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