फतेहपुर जिले के खागा में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने और एनएचएआई द्वारा जमीन पर कब्जा लेने पहुंची टीम का शनिवार दोपहर एक परिवार ने विरोध कर दिया। कब्जा दिलाने गई पुलिस और राजस्व टीम से परिवार की महिलाएं कुल्हाड़ी, लाठी डंडे लेकर भिड़ गईं।
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पोकलैंड मशीन पर पथराव किया। करीब एक घंटे हंगामा चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस सख्ती से पेश आई तो परिवार के पुरुष सदस्य खेत की ओर भाग निकले। एक सदस्य छत पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा। एनएचएआई और पुलिस ने किसी तरह से मुआवजे का आश्वासन देकर परिवार को शांत किया। इसके बाद एनएचआई ने जमीन पर पौकलैंड से खुदाई कराकर कब्जा लिया है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के अकोढ़िया मोड़ निवासी मानसिंह पुत्र स्व. शिवभजन के पास करीब दो बीघे आठ बिस्वा जमीन हाइवे किनारे है। इसी जमीन पर परिवार मकान बनाकर रहता है। घर के पास ही खेत हैं। इन दिनों खेत में अरहर की फसल लगी है। हाइवे निर्माण को मंगलवार को मान सिंह के खेत पर एनएचआई टीम पोकलैंड मशीन लेकर खुदाई को पहुंची थी।
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मुआवजा नहीं मिलने की बात कहकर परिवार ने विरोध किया था। लोगों के विरोध को देख टीम तब लौट गई थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे तहसीलदार खागा शशिभूषण मिश्रा, नायब तहसीलदार सीमा भारती, एसएसआई गोविंद सिंह चौहान, महिला पुलिस फोर्स के साथ मानसिंह के दरवाजे पहुंचे।
एनएचएआई के मैनेजर लाइजनिंग पवन सिंह भी पोकलैंड मशीन लेकर पहुंचे। खेत पर पोकलैंड खुदाई करने लगी, तभी मान सिंह के परिवार ने मशीन पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठी-डंडे पटख कर खदेड़ा। परिवार के लोग भागने लगे।
परिवार की महिलाएं कुल्हाड़ी, डंडे लेकर पहुंच गई और पुलिस कर्मियों से उलझ पड़ीं। पुलिस के साथ हाथापाई की। महिलाओं को महिला सिपाहियों ने रोका। कुल्हाड़ी लेकर मान सिंह की बेटी कमला पुलिस को ललकारती दिखी। मान सिंह की पत्नी सुमन देवी डंडा लेकर दौड़ी। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
मारपीट के दौरान किसान मानसिंह व होमगार्ड रामकिशोर के हाथ में चोटें लगी हैं। परिवार की महिलाओं ने महिला कांस्टेबल से मारपीट भी की। एक हाथ से नि:शक्त मान सिंह का एक बेटा छत पर चढ़ गया। वह टीम को ईंट पत्थर से हमला करने की धमकी देने लगा।
मानसिंह के परिवार में उनकी पत्नी सुमन देवी, पुत्र जयकरन सिंह, ज्ञान सिंह, राजकरन व बेटी कमला देवी व बहू सीमा देवी हैं। एनएचएआई मैनेजर लाइजनिंग पवन सिंह ने बताया कि मुआवजे की रकम भेजी गई है। किसान मानसिंह को जमीन के अभिलेख, आधार कार्ड, पासबुक लेकर 26 अक्तूबर को तहसील बुलाया गया था लेकिन वह नहीं पहुंचे थे।
उनके कागजात देने के बाद खाते में रकम पहुंचेगी। टीम के पहुंचने पर तहसील जाने को कहा गया, लेकिन काम बंद करने की बात कहकर विवाद करने लगे। एसएसआई गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि विवाद की जानकारी अधिकारियों को दी गई है। उनके निर्देश पर कार्रवाई होगी। फिलहाल मामला शांत करा दिया गया है।
मानसिंह ने कहा, पैसा दो, तब करो खुदाई
हाइवे किनारे मकान बनाकर रहने वाले किसान मानसिंह ने बताया कि 26 अक्टूबर को उसके पास एनएचएआई की तरफ से नोटिस आई थी। इसमें बताया गया कि हाईवे किनारे उसकी करीब 672 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की गई है।
इसके बदले उसे 15 लाख आठ हजार 529 रूपए मुआवजा मिलेगा। मानसिंह के अनुसार नोटिस के बाद लेखपाल न तो फोन आया और न ही उसके खाते में रुपया आए। उसने अधिकारियों से कहा कि खाते में मुआवजे की रकम आ जाए तो वह खुदाई करें, उसे कोई ऐतराज नहीं है। पैसा मिलने से पहले ही खुदाई करने से मना करने पर पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, जिससे विवाद हुआ।
अरहर की फसल हुई बर्बाद
झगड़ा शांत होने के बाद पोकलैंड से हाईवे किनारे खुदाई का काम शुरू हुआ। मशीन द्वारा सबसे पहले घर पास स्थित मानसिंह के अरहर के खेत को खोदा गया। इसमें फसल खड़ी थी। खुदाई के चलते फसल बर्बाद हो गई।