कानपुर में बिल्हौर के पातीनिवादा गांव में शनिवार दोपहर एक महिला ने अपने तीन साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। चीख पुकार सुनकर पहुंची महिला की सास ने बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गईं।
ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई। दोनों को हैलट पहुंचाया गया, पर तब तक मां-बेटे की मौत हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक महिला मानसिक तनाव में थी, इस कारण उसने खुदकुशी कर ली। कुछ पारिवारिक विवाद की भी बातें सामने आ रही हैं।
पुलिस का कहना है कि अगर तहरीर मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पातीनिवादा गांव निवासी अनुराग यादव उर्फ सोनू बुकिंग पर कार चलाते हैं। परिवार में उनकी पत्नी रेखा (24), बेटे सूर्यांश (3) व मां सन्नो देवी हैं। रेखा का मायका श्याम नगर चकेरी में है।
शनिवार सुबह अनुराग घर से काम पर चले गए। बिल्हौर एसओ ज्ञान सिंह ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे रेखा सूर्यांश को लेकर अपने कमरे में गई। उसके बाद अपने व सूर्यांश के ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया और फिर सूर्यांश को गोद में लेकर आग लगा ली।
चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर सन्नो वहां पहुंची। उन्होंने बचाने का प्रयास किया तो उनके हाथ झुलस गए। कुछ ही देर में वहां ग्रामीण पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हैलट में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं सन्नो को सीएचसी बिल्हौर में भर्ती कराया गया है। एसओ के मुताबिक परिजनों ने कोई कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है।
पारिवारिक विवाद चल रहा था
पुलिस के मुताबिक अनुराग व रेखा की चार साल पहले शादी हुई थी। कुछ दिनों से अनुराग का अपने बड़े भाई निर्भय से प्रॉपर्टी बंटवारे का विवाद चल रहा है। रविवार को बंटवारा होना था। पुलिस की जांच के मुताबिक विवाद के बाद रेखा ने अपना सारा सामान अपने कमरे में रखा था। उसके बाद आग लगाई। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि घरेलू विवाद के फेर में रेखा ने खुदकुशी की। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है।