इटावा के नर्सिंग होम में बुधवार को प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ने के बाद सैफई ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंग होम के सामने शव रखकर हंगामा किया और डॉक्टर पर दो लाख रुपये लेने के बाद भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
फ्रेंड्स कॉलोनी हरसौली गांव निवासी मिथलेश कुमारी (30) पत्नी लाल बहादुर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बुधवार सुबह फर्रुखाबाद रोड स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया। प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर के कहने पर परिजन जब महिला को सैफई पीजीआई ले जा रहे थे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत हो जाने पर परिजन उसके शव को फिर से उसी प्राइवेट नर्सिंग होम पर ले आए और हंगामा करने लगे। मृतका के पति लाल बहादुर ने बताया कि नर्सिंग होम के डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए दो लाख रुपये लिए। ऑपरेशन के बाद भी खून निकलना बंद नहीं हुआ। डॉक्टर के कहने पर जब वह खून लेकर हॉस्पिटल पहुंचा तो नर्सिंग होम वालों ने एंबुलेंस बुला रखी थी और उससे कहा कि मरीज को सैफई ले जाए।
सैफई ले जाते समय आईटीआई चौराहे के पास मिथलेश की मौत हो गई। लाल बहादुर ने कहा कि इलाज में लापरवाही बरती गई। जिससे मौत हुई है। उधर नर्सिंग होम पर हंगामा होते देख डाक्टर व स्टाफ मौके भाग गए। दोपहर करीब एक बजे फ्रेंड्स कालोनी थाना के उप निरीक्षक महेंद्र गौतम मौके पर पहुंचे।
परिजनों को समझा बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि मिथलेश को उसके परिजनों ने मंगलवार शाम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से डिस्चार्ज कराकर बुधवार सुबह इस प्राइवेट नर्सिंग होम में लेकर आए थे। हालत बिगड़ने पर सैफई ले जाते समय परिजनों ने आईटीआई चौराहे के पास एक अन्य डॉक्टर को दिखाया। उसके बाद महिला की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही।