जिले के डीआरडीए परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह का प्रशिक्षण एवं रिवाल्विंग फंड, ऋ ण वितरण मेगा शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 250 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कुमार रविकान्त सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं के विकास से जुड़ा कार्यक्रम है।
कहा कि महिलाओं के पास घर सहेजने का सबसे अच्छा गुण होता है। जो कि पुरुषों के पास नहीं होता है। आजकल महिलाएं दुनिया चला रही है। वे अपने बचत के सूत्र को कहीं भी लगाकर सफलता के मुकाम तक पहुंचा सकती हैं।
जिलाधिकारी ने समूहों को 88 को रिवाल्विंग स्वीकृत पत्र व 75 क्रेडिट लिकेंज स्वीकृत पत्र दिए जो 50 लाख से अधिक राशि थे। इस मौके पर सीडीओ राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 250 समूहों के लक्ष्य थे जो हमने पूरे कर लिए हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में केवल महिला सदस्य ही होनी चाहिए। डॉ अंबेडकर विशेष रोजगार योजना के तहत 10 लाभार्थियों को स्वीकृत पत्र वितरित किया गया। वर्ष का लक्ष्य 73 था। जिसे शत प्रतिशत प्राप्त कर लिया गया है।
परियोजना निदेशक विवेक त्रिपाठी ने कहा कि नए समूहों के गठन में बीडीओ तेजी लाए। 75 क्त्रस्ेडिट लिंकेज किए गए है जिसमे एसबीआई, ग्रामीण बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया ने किए है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण बैंक के जिला कोआर्डिनेटर शुक्ल ने बताया कि हर समूह के लिए 5 कार्यों का हमेशा ध्यान रखें। जिसमें समूह की नियमित बचत होनी चाहिए, लगातार मीटिंग करते रहना चाहिए, आपस मे लेन-देन बराबर होते रहना चाहिए, लगातार समय से रिकवरी होती रहनी चाहिए तथा कोषाध्यक्ष लिखी-पढ़ी होनी चाहिए जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
उपस्थित जितनी महिलाएं है वह घर जाकर अपने गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे मे दूसरों को अवश्य बताए। सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार, उपायुक्त मनरेगा एके दीक्षित सहित बीडीओ व बैंक प्रतिनिधि उपस्थित थे।