यूपी के कानपुर देहात में शुक्रवार की सुबह उस वक्त रूरा रेलवे क्रासिंग पर हड़कंप मच गया, जब वृद्धा अपनी बहू की प्रताड़ना से त्रस्त होकर जाने देने के लिए पहुंच गई। यह देखकर राहगीरों व सूचना पर पहुंची यूपी 100 की टीम ने उसे बचाया। पुलिस उसे लेकर वापस घर गई तो वृद्धा ने अपने बेटे और बहू के साथ रहने से इंकार कर दिया। कस्बा निवासी वृद्धा के एक रिश्तेदार उसे अपने घर लेकर गए।
रूरा क्षेत्र के तिंगाई गांव निवासी महिला शिवरानी शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पश्चिमी रेलवे क्रासिंग के पास पहुंची। वह ट्रेन को आते देख ट्रैक पर खड़ी हो गई। यह देख क्रासिंग बंद होने से खड़े राहगीरों ने शोर मचाया। कुछ लोगों ने दौड़ कर महिला को ट्रैक से हटाया। सूचना पर यूपी 100 की टीम भी पहुंच गई। जब पुलिस टीम ने महिला से आत्महत्या करने का कारण पूछा तो वह फूट-फूट कर रोने लगी।
उसने बताया कि वह गांव में अपने पुत्र रमेश, सुरेश के साथ रहती है। उसकी छोटी बहू उसे आए-दिन प्रताड़ित करती है। इस उम्र में उसका और कोई ठिकाना नहीं है। इसलिए उसने आत्महत्या करने का निर्णय लिया। यूपी 100 पुलिस टीम प्रभारी जानकी प्रसाद महिला को लेकर तिगांई पहुंचे और उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। वृद्धा ने घर में रहने से साफ इंकार कर दिया। सूचना पाकर कस्बे के शेरगंज निवासी महिला का दूर का भतीजा छून्नू गांव पहुंचा और वृद्धा को अपने साथ घर ले आया।