सुरक्षित प्रसव के बाद स्वास्थ्य टीम के साथ महिला
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लॉकडाउन में ट्रेन और बस की सरकारी सुविधा के बाद भी अपने घरों को लौट रहे प्रवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। फतेहपुर में मुंबई से लौट रहे परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ। पत्नी गर्भवती थी, उसे पांच रोडवेज बसें बदलनी पड़ीं। फतेहपुर में पहुंचते ही महिला को भीषण दर्द उठा। सूचना पर प्रशासन ने जहानाबाद सीएचसी में महिला को भर्ती कराकर उसका सुरक्षित प्रसव कराया।
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। परिवार का आरोप है कि मुंबई से पांच रोडवेज बसें बदलकर यहां तक पहुंची, 1200 किमी से ज्यादा सफर में प्रसव पीड़ा से तड़पती रही लेकिन कहीं उपचार नहीं दिलाया गया। भदोही के गोपीगंज निवासी राजेंद्र व उनका भाई राजन मुंबई के ठाणे में रहकर एक धागा फैक्ट्री में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते फैक्ट्री बंद होने पर दोनों परिवार के साथ मुंबई में फंस गए।
राजेंद्र की पत्नी संतरा देवी गर्भवती थी और प्रसव का समय नजदीक था। राजेंद्र ने बताया कि पत्नी की बिगड़ती हालत को देखकर गांव लौटने का फैसला किया। पहले वह ट्रेन की टिकट के लिए प्रयास करते रहे लेकिन नहीं मिला। पत्नी की हालत भी बिगड़ रही थी इस वजह से बस से चलने का फैसला करना पड़ा। राजेंद्र ने बताया कि पत्नी, भाई राजन व उसकी पत्नी रिया के साथ वह बस में सवार हो गए।