महिला चिकित्सक ने कार में कराया प्रसव
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हमीरपुर से परिजनों के साथ झांसी जा रही प्रसव पीड़ित महिला की कस्बे में अचानक गाड़ी खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी पनवाड़ी ले गए। वहां स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराने से इनकार कर दिया। घंटों भटकने के बाद एक महिला चिकित्सक ने मौके पर जाकर गाड़ी में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। हमीरपुर जिले के ग्राम गहरौली निवासी भावना पत्नी नरेंद्र राजपूत को गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे कार से झांसी ले जा रहे थे। पनवाड़ी कस्बे के पास अचानक गाड़ी खराब हो गई।
गर्भवती की हालत खराब होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले गए। वहां कर्मचारियों ने महिला को कुलपहाड़ ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए, लेकिन किसी ने भी उसे भर्ती नहीं किया।
कस्बे में क्लीनिक चलाने वाली डॉ. प्रियंका को मामले की जानकारी हुई। इस पर वह सहायिका विनीता के साथ मौके पर पहुंचीं और गाड़ी में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। डॉ. प्रियंका दो माह पहले ही सरकारी डॉक्टर के तौर पर चयनित हुई हैं। उनकी एक अगस्त से हमीरपुर में ज्वाइनिंग है।
महिला चिकित्सक द्वारा किए गए कार्य की लोगों ने सराहना की। सीएचसी प्रभारी डॉ. केपी सिंह का कहना है कि पनवाड़ी सीएचसी को कोविड इकाई बनाया गया है। वहां कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। संक्रमण को देखते हुए गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने की व्यवस्था कुलपहाड़ में की गई है।