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किडनी कांड का खुलासा करने वाली महिला की मौत, पुलिस और एसआईटी की गैर जिम्मेदाराना हरकत आई सामने

Mon, 14 Oct 2019 03:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर
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देश के बहुचर्चित किडनी कांड का खुलासा करने वाली महिला की संदिग्ध हालात में मौत के बाद पुलिस और एसआईटी का गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। पति का आरोप है कि विवेचक को महिला की मौत की जानकारी देने पर भी कोई पूछताछ करने नहीं आया। 164 का बयान दर्ज करने के बाद उनसे कभी संपर्क नहीं किया गया।
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इस संबंध में विवेचक से लेकर अधिकारी तक अपना पल्ला झाड़ते नजर आए। मूलरूप से बांदा निवासी और वर्तमान में साकेत नगर में रहने वाली संगीता  देवी के रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद ही पुलिस ने बर्रा से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर किडनी कांड का खुलासा किया था।

 

किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जांच में पीएसआरआई और फोर्टिस, सर गंगाराम अस्पताल समेत कई नामचीन अस्पतालों की भी भूमिका सामने आई थी। पुलिस ने पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है जिसमें तीन कोआर्डिनेटर, एक डोनर शामिल हैं।

सुनीता के पति राजेश ने बताया कि विवेचना फजलगंज थाना प्रभारी अनुराग मिश्रा कर रहे हैं। उसका आरोप है कि सुनीता का 164 का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने सुनीता से कोई संपर्क नहीं किया। रविवार देर रात करीब एक बजे सुनीता का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया। वह सुनीता को हैलट अस्पताल ले गया।

 

किडनी कांड में कानपुर पुलिस ने फोर्टिस हॉस्पिटल की महिला कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार किया (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
जहां डॉक्टरों ने  उसे मृत घोषित कर दिया। इसकेबाद शव लेकर घर लौटा। सोमवार को वह फजलगंज थाने में सुनीता की मौत की जानकारी देने पहुंचा तो दरोगा ने थाना प्रभारी के न होने की बात कह उसे लौटा दिया। फिर उसने पहले विवेचना कर रहे एसएसआई रामखिलाड़ी से फोन पर बताया था। उन्होंने एसपी साउथ रवीना त्यागी से मिलने की बात कही थी।

इसके बाद देर शाम सुरेश ने परिजनों संग सुनीता के शव को नजीराबाद स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया। वहीं किडनी कांड में जेल भेेजे गए कई आरोपी जमानत पर बाहर चल रहे हैं। संगीता की संदिग्ध हालात में मौत होने पर लोग यह कयास लगा रहे हैं कि संगीता कहीं किसी साजिश का शिकार तो नहीं हो गई। पति द्वारा पोस्टमार्टम न कराना और पुलिस का अपनी तरफ से कार्रवाई न करना सवालों के घेरे में है।

 
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किडनी कांड में आरोपी डॉक्टर दीपक शुक्ला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सुनीता आठ माह की गर्भवती थी 
राजेश की मानें तो सुनीता आठ माह की गर्भवती थी। उसे कोई बीमारी नही थी। पड़ोसियों के अनुसार घटना वाली रात संगीता के घर पर पार्टी हुई थी। पार्टी के दौरान ही देर रात उसकी तबीयत खराब हो गई थी। परिजन जब तक हैलट लेकर पहुंचे, उसकी जान जा चुकी थी। पुलिस और एसआईटी अनजान रही। जानकारों का मानना है कि पुलिस अगर सुनीता के शव का पोस्टमार्टम कराती तो उसकी मौत का कारण स्पष्ट हो सकता था।

रुपये न होने पर शव को था दफनाया
पति राजेश ने बताया कि सुनीता की मौत के बाद वह शव को अपने घर लाया था। रुपये न होने के चलते वह अंतिम संस्कार नहीं कर सका था। उसने शव को नजीराबाद कब्रिस्तान स्थित नई जमीन में दफना दिया था। सोमवार को वह बच्चों संग एसपी साउथ कार्यालय पहुंचकर आपबीती बताएगा।

पति द्वारा महिला की मौत की जानकारी मिली थी। परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। 
राजेश यादव, एसपी क्राइम

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