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Farrukhabad: विवाहिता ने खाया जहर, कानपुर में इलाज के दौरान मौत, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप

Mon, 20 Jul 2026 01:23 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: शमसाबाद थाना क्षेत्र के लुखड़पुरा गांव निवासी प्रांशु यादव की पत्नी सीता (23) ने शनिवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन पहले लोहिया अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति में कानपुर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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शमसाबाद थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। थाना क्षेत्र के गांव लुखड़पुरा निवासी एक 23 वर्षीय महिला ने शनिवार को घर के भीतर अज्ञात कारणों के चलते विषाक्त पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में उसे कानपुर रेफर कर दिया गया।

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कानपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, मायके पक्ष के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के अधिकांश पुरुष सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए हैं।

लोहिया अस्पताल से कानपुर किया गया था रेफर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुखड़पुरा गांव निवासी प्रांशु यादव की पत्नी सीता (23) ने शनिवार को अपने घर में किसी समय जहरीला पदार्थ गटक लिया था। कुछ ही देर बाद जब उसकी तबीयत अत्यधिक खराब होने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा, तो ससुराल वाले उसे तुरंत डॉक्टर राममनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे।

लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत हायर सेंटर (कानपुर) के लिए रेफर कर दिया। बताते हैं कि कानपुर के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सीता की जान नहीं बचाई जा सकी। मौत की पुष्टि होने के बाद रविवार को परिजन उसके शव को एंबुलेंस से वापस पैतृक गांव लुखड़पुरा लेकर पहुंचे।

तहसीलदार और थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर की जांच पड़ताल

गांव में शव पहुंचते ही आसपास के ग्रामीणों ने इसकी गुप्त सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष  सचिन चौधरी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की सूचना पर प्रशासनिक स्तर से जांच के लिए तहसीलदार कायमगंज हर्षित सिंह भी लुखड़पुरा गांव पहुंचे।

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे मृतका के मायके वाले भी रोते-बिलखते हुए गांव पहुंच गए। मायके वालों के आने की भनक लगते ही पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से ससुराल पक्ष के ज्यादातर पुरुष सदस्य घर से भाग निकले।

बच्चा न होने पर प्रताड़ित करने का आरोप

शव के पास पहुंचे मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया। मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को बताया कि सीता की शादी करीब 2 साल पहले प्रांशु यादव के साथ धूमधाम से हुई थी।

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आरोप है कि शादी के 2 साल बीत जाने के बाद भी कोई संतान  न होने के कारण ससुराल के लोग सीता को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित करते थे और उसे ताने मारते थे। मायके वालों का आरोप है कि इसी प्रताड़ना के चलते या तो उसे जबरन जहर देकर रास्ते से हटा दिया गया है या उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया गया है।
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