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Kanpur News: प्रसव के 16 दिन बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल में हंगामा

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पुखरायां ​स्थित निजी अस्पताल में  रोते बिलखते मृतक के परिजन। संवाद
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पुखरायां। प्रसव के 16 दिन बाद गुरुवार सुबह प्रसूता की मौत हो गई। इस पर परिवार के लोग शव लेकर निजी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी माैके पर पहुंचे और परिजन को शांत कराया। पति की तहरीर पर अस्पताल के दो डाॅक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं अस्पताल संचालक ने मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप लगाकर तहरीर दी है।
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सट्टी थानाक्षेत्र के दौलतपुर निवासी दीपक की पत्नी अलका (24) को 19 जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर गोविंदम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अलका ने ऑपरेशन से पुत्र को जन्म दिया था। 20 जनवरी को अलका की हालत बिगड़ने पर कानपुर के आत्माराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था लेकिन सुधार न होने पर 27 जनवरी को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां से जवाब मिलने पर परिजन अलका को तीन फरवरी को घर ले आए। गुरुवार की सुबह हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद परिजन ग्रामीण संग शव लेकर पुखरायां स्थित गोविंदम हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल के डॉक्टर पर गलत ऑपरेशन करने से अलका की मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पाकर एसडीएम देंवेद्र सिंह, तहसीलदार प्रिया सिंह, नायब तहसीलदार सूर्य प्रकाश सिंह, सीओ संजय वर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों के चंगुल से अस्पताल संचालक को छुड़ाकर लोगों को शांत कराया। इसी बीच एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा भी अस्पताल पहुंच गए। दीपक ने बताया कि चार वर्ष पूर्व शादी हुई थी। अलका की माैत से सास राधादेवी, ससुर बीरेंद्र सिंह, पिता प्रेम नारायण, मां सुमन देवी, भाई श्याम, कुलदीप और गोलू बिलखते रहे। थानाध्यक्ष अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर डॉ. सुमन सिंह और डॉ. शिवानी सचान खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल में सभी मानक पूरे हैं। महिला का इलाज कानपुर में भी कराया गया है। ऑपरेशन किसने किया था, क्या परेशानी रही। इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. एसएल वर्मा, एसीएमओ
मारपीट कर तोड़फोड़ का आरोप
संचालक हिमांशु सिंह ने बताया कि प्रसव के बाद परिजन से तीन इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा तो एक इंजेक्शन लगवाकर रेफर कराके चले गए थे। मदद के लिए एंबुलेंस मुहैया कराई गई थी। परिजन मरीज को आत्माराम अस्पताल से औरैया ले गए थे। इसके बाद झाड़फूंक भी कराते रहे है। रीजेंसी कानपुर में भर्ती कराया जहां मौत होने पर गुरुवार की सुबह अस्पताल शव लाकर हंगामा करते हुए मारपीट और तोड़फोड़ की है। मोबाइल सहित अन्य सामान भी गायब है। उन्होंने तहरीर दी है। थानाध्यक्ष अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर दी गई है जांच की जा रही है।

पुखरायां स्थित निजी अस्पताल में  रोते बिलखते मृतक के परिजन। संवाद

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