गुजरात के वड़ोदरा से प्रवासी मजदूर बेटों के साथ घर लौट रही वृद्धा की विशेष ट्रेन में मौत हो गई। दोनों बेटे साथ में थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया है। मेडिकल कालेज प्रशासन ने शव का नमूना लेकर कोरोना संक्रमण की जांच के लिए झांसी लैब भेजा है।
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सभी की हुई जांच
- फोटो : amar ujala
रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। मृतका मूलरूप से गोरखपुर जनपद की थी। बड़ोदरा से 1570 श्रमिकों को लेकर विशेष ट्रेन बुधवार को सुबह यहां रेलवे स्टेशन पर आई। यहां स्लीपर बोगी में वृद्धा को मृत अवस्था में पाया गया।
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गुजरात से बांदा पहुंचे प्रवासी
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उसके मौजूद पुत्र रामसमूह ने बताया कि वह मां धूपिया देवी (80) के साथ अपने गांव फुटवा (गोरखपुर) जा रहा था। बताया कि मां हृदय रोगी थी। उसका इलाज भी चल रहा था। पुत्र के मुताबिक ट्रेन में उसकी हालत बिगड़ी और मृत्यु हो गई। उधर, यहां राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गुजरात से रोज आ रही हैं श्रमिक स्पेशल ट्रेन
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पुलिस की संस्तुति पर शव का कोरोना संक्रमण जांच के लिए नमूना भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम के बारे में निर्णय लिया जाएगा। मृतक के घर के पांच सदस्यों और गांव के तीन लोगों को कालेज में ही क्वारंटीन किया गया है।
बता दें देश के विभिन्न राज्यों से ट्रेनों द्वारा लाए जा रहे मजदूरों के दूसरे चरण में बुधवार को विशेष ट्रेन से यहां 1570 मजदूरों की आमद हुई। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। यह ट्रेन मंगलवार को बड़ोदरा से चली थी। इसमें उत्तर प्रदेश के 56 जनपदों के 1570 श्रमिक शामिल हैं।