कानपुर में पनकी गंगागंज में बुधवार को पुलिस की गुंडागर्दी से त्रस्त महिला ने डाई पीकर खुदकुशी की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे हैलट में भर्ती कराया गया।
महिला को एक दिन पहले झगड़े की सूचना पर पहुंची पीआरवी में तैनात महिला सिपाहियों ने सरेराह पीटा और बाल पकड़कर घसीटा था। बाद में उसी पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इससे परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया।
गंगागंज निवासी सात साल के बच्चे ने मंगलवार को एक दुकान में पानी के बताशे खाए। पैसे न होने पर दुकानदार उसे पीटने लगा। यह देख गंगागंज की शाजिया ने विरोध किया। इस पर दुकानदार शाजिया से भिड़ गया। दुकानदार ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी।
कुछ देर में पनकी थाने से संबद्ध पीआरवी 0414 मौके पर पहुंची। पीआरवी प्रभारी कृष्ण स्वरूप, सिपाही प्रवेश कुमार, अवधेश कुमार और महिला सिपाहियों संध्या व प्रीति ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की। शाजिया की संध्या से बहस होने लगी।
आरोप है कि संध्या ने थप्पड़ जड़ दिया। शाजिया ने भी संध्या के थप्पड़ मार दिया। इसके बाद महिला सिपाहियों ने बीच सड़क पर शाजिया को जमकर पीटा और घसीटकर थाने ले गईं। शाजिया और उसके पति आदिल पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।
इस बीच रात करीब नौ बजे थाने में अचानक शाजिया की तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने पहले उसे निजी अस्पताल और फिर देर रात हैलट में भर्ती कराया। कुछ घंटे बाद छुट्टी मिलने पर शाजिया घर पहुंची और बुधवार दोपहर को डाई पी ली। पनकी एसओ अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है।
फुटेज से खुला पुलिस का झूठ
सिपाही संध्या ने शाजिया पर आरोप लगाया है कि पति-पत्नी ने उनके साथ मारपीट की। वर्दी फाड़ने की कोशिश कर गाड़ियों में तोड़फोड़ की। जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो पुलिस का झूठ बेनकाब हो गया।
संध्या ने ही पहले महिला को थप्पड़ मारा। इसके बाद शाजिया ने संध्या पर थप्पड़ मारने का प्रयास किया पर दोनों महिला सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। फुटेज में गाड़ियों में तोड़फोड़ भी नहीं नजर आई।
आहत होकर खुदकुशी का प्रयास
पति ने बताया कि बुधवार को शाजिया जब घर पहुंची तो गुमसुम थी। किसी से कुछ नहीं बोल रही थी। पनकी एसओ अजय प्रताप सिंह का भी कहना है कि बीच सड़क मारपीट से शाजिया आहत थी। इसलिए उसने खुदकुशी का प्रयास किया। एसओ के मुताबिक शाजिया मानसिक रूप से कमजोर भी है।
पीड़िता ने तहरीर देने से इंकार कर दिया है। उस पर दर्ज किया गया मुकदमा स्पंज (खत्म) किया जाएगा। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
- संजीव सुमन, एसपी पश्चिम