हिरासत में हत्यारोपी पत्नी नेहा व हत्यारोपी जितेंद्र सिंह
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गंगाघाट कोतवाली के कंचननगर में महिला ने सिल-बट्टे से कूंचकर घर में पति की हत्या कर दी। फर्श पर बिखरे खून को साफ करने के बाद सामान शिफ्ट करने के बहाने शव को बक्से में बंद कर हाईवे किनारे छोड़ दिया। लावारिस बक्सा देख लोगों ने पुलिस को बताया तो? सीसीटीवी खंगाले गए तो सनसनीखेज वारदात की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक नाबालिग को संरक्षण में दिया गया है।
20 अक्तूबर की रात करीब 10 बजे हाईवे किनारे एक निजी अस्पताल के सामने बड़ा बक्सा पड़ा होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और बक्सा खुलवाया तो अंदर चादर और कंबल में लिपटा युवक का खून से लथपथ शव मिला। घटना की गंभीरता देखते हुए पुलिस अधीक्षक जेपी सिंह ने खुलासे के लिए पांच टीमें गठित कीं। एएसपी उत्तरी आयुष श्रीवास्तव, सीओ सिटी विनी सिंह और गंगाघाट कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने जांच शुरू की।
कैमरों में कैद हुआ शव ले जाने का रास्ता
पुलिस ने गदनखेड़ा बाईपास और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक लोडर बक्सा लेकर जाता दिखाई दिया। वाहन के पंजीकरण नंबर से उसके मालिक राजेश गुप्ता तक पुलिस पहुंची। पूछताछ में पता चला कि लोडर कंचननगर में किराये पर रहने वाली नेहा रावत ने कमरा खाली करने और सामान शिफ्ट करने के बहाने 1200 रुपये में लिया था। यहीं से जांच की दिशा मृतक के घर की ओर मुड़ गई।
पुलिस ने नेहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसके बयानों के आधार पर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, नेहा ने अपने प्रेमी जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर पति सोनू रावत की हत्या करने की बात स्वीकार की।
नशे में घर लौटा पति, फिर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब एक बजे सोनू नशे में घर लौटा और पत्नी से मारपीट करने लगा। नेहा ने बचाव में उसे धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़ा और उसके सिर में चोट लगी। इसके बाद नेहा ने उसी मकान में किराये पर रहने वाले जितेंद्र को बुलाया। आरोप है कि जितेंद्र ने पास रखे सिलबट्टे से सोनू के सिर पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर बक्से में रख दिया गया। कमरे में फैले खून को भी साफ किया गया, ताकि वारदात के निशान मिटाए जा सकें। इसके बाद शव को घर से बाहर ले जाने की तैयारी शुरू हुई।
1200 रुपये का लोडर, 10 हजार में श्रमिकों की मदद
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद नेहा ने अपनी बेटी पल्लवी को फोन किया और उसके पास आने की बात कही। पल्लवी गदनखेड़ा के पास किराये के मकान में रहती है। इसके बाद नेहा ने सामान शिफ्ट करने के बहाने लोडर किराये पर लिया। सीताराम कॉलोनी निवासी श्रमिक तौहीद को 10 हजार रुपये में सामान ले जाने के लिए तैयार किया। तौहीद अपने एक नाबालिग साथी के साथ पहुंचा। आरोप है कि सभी ने मिलकर बक्से को लोडर में रखा और मंगलवार रात उन्नाव-लालगंज हाईवे किनारे फेंककर चले गए। बक्से में घरेलू सामान के बजाय शव होने की बात सामने आने पर पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।
सिलबट्टा, बक्सा और लोडर बरामद
मृतक के भाई आशु की तहरीर पर पुलिस ने नेहा, जितेंद्र और तौहीद के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल सिलबट्टा, शव रखने वाला बक्सा और लोडर बरामद किया है। तौहीद के पास से चार हजार रुपये और नाबालिग के पास से 4200 रुपये बरामद होने की बात भी पुलिस ने कही है। पुलिस लोडर मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। तौहीद पर आर्म्स एक्ट और चोरी के मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सात साल पहले की थी कोर्ट मैरिज, पहले पति से हैं चार बेटियां
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, नेहा मूल रूप से लखनऊ के हरौनी की रहने वाली है। उसकी पहली शादी करीब 23 साल पहले मलिहाबाद क्षेत्र के अटौरा गांव निवासी जगदीश से हुई थी। उससे चार बेटियां हैं। बाद में नेहा की नजदीकियां सोनू से बढ़ीं। दोनों करीब दो साल लिव-इन रिलेशन में रहे और अप्रैल 2018 में कोर्ट मैरिज कर ली। सोनू से उसका एक बेटा भी है।
पुलिस के मुताबिक, सोनू हसनगंज क्षेत्र के पंचमखेड़ा गांव का रहने वाला था और हरौनी के पास आम के बाग किराये पर लेता था। नेहा ने पूछताछ में पति पर नशे की लत और मारपीट के आरोप लगाए हैं। हालांकि, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच पुलिस कर रही है।
पहले भी विवाद और हमले की बात आई सामने
कंचननगर में पड़ोस में रहने वाली जितेंद्र की पत्नी खुशबू के मुताबिक, नेहा और सोनू करीब एक महीने पहले ही मकान में रहने आए थे। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। उसने पुलिस को बताया कि नेहा पहले भी कैंची से पति पर हमला कर चुकी थी। दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था और आवाजें बाहर तक सुनाई दे रही थीं। सोनू के मामा धर्मेंद्र के मुताबिक, उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। उसकी मां निर्मला देवी और भाई आशु उनके साथ रहते हैं। सोनू मजदूरी करता था। पुलिस इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
मेरठ की ड्रम हत्याकांड की याद हुई ताजा
बक्से में बंद शव मिलने की घटना ने मार्च 2025 में मेरठ में सामने आए चर्चित हत्याकांड की याद ताजा कर दी। उस मामले में भी पत्नी और उसके प्रेमी पर पति की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने का आरोप लगा था। दोनों मामलों में शव छिपाने और वारदात के निशान मिटाने की कोशिश जांच का अहम पहलू बनी।