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बिना यूपी बोर्ड परीक्षा खूब बरसे अंक

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कानपुर देहात। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम शनिवार को आने पर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल रहा। बिना परीक्षा दिए ही हाईस्कूल व इंटर के छात्र छात्राओं पर अंकों की खूब वर्षा हुई।
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जिले में काफी संख्या में छात्र-छात्राओं ने 90 फीसदी से अधिक अंक पाए। वहीं सर्वर की समस्या के चलते अभिभावक व परीक्षार्थी परीक्षाफल जानने के लिए परेशान भी हुई। स्कूल संचालक भी अपने विद्यालय का परीक्षा परिणाम जानने के लिए बेताब दिखे।
कोरोना के चलते इस बार बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। साथ ही विद्यालय स्तर से प्री बोर्ड व वार्षिक परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर अंकों का निर्धारण किया गया है। यूपी बोर्ड ने शनिवार को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित कर दिया है। जिले में कुल 52662 परीक्षार्थी हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट में जिलेवार व विद्यालयवार रिजल्ट अपलोड नहीं किया जा सका।
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इससे न तो स्कूल संचालक पूरे विद्यालय का रिजल्ट देख सके और न ही शिक्षा विभाग पूरे जिले का प्रतिशत बता सके। विद्यालय संचालक भी परीक्षा परिणाम जानने के लिए परेशान रहे। छात्रों ने मोबाइल व कैफे के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देखा। डीआईओएस दफ्तर में कर्मचारी रिजल्ट देखने के लिए लगातार विभाग की मेल व वेबसाइट चेक करते रहे लेकिन शाम तक रिजल्ट अपलोड न होने पर वह कुछ नहीं बता सके।
प्रवेश पत्र के माध्यम से पहुंचता था रोल नंबर
कानपुर देहात। इस बार बोर्ड परीक्षा नहीं कराए जाने से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रवेश पत्र नहीं जारी किया। केवल स्कूलों को अनुक्रमांक वाली नामावली भेजी गई। ये नामावली भी विद्यालयों तक देर से पहुंची। वहीं कोरोना के चलते कॉलेज बंद होने से छात्र छात्राएं नहीं जा रहे हैं इससे हाईस्कूल के छात्र छात्राओं तक रोल नंबर नहीं पहुंच सके।
इंटरमीडिएट में प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होने के कारण छात्रों को अनुक्रमांक मिल गया था। इसमें कुछ छात्रों ने अपना रोल नंबर सुरक्षित रखा जबकि अधिकांश छात्र रोल नंबर भूल गए। इससे वह परीक्षा परिणाम नहीं देख सके। वह विद्यालय से अनुक्रमांक लेकर रिजल्ट देख सकेंगे। (संवाद)
मेरिट जारी न होने से मेधावियों में मायूसी
कानपुर देहात। प्रदेश स्तर से टॉपरों की मेरिट जारी न होने से जिले के मेधावियों में मायूसी है। उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने के साथ गांव तक पक्की सड़क व अन्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। सरकार की तरफ से मेधावियों को लैपटॉप भी दिया जा रहा था इस बार वह भी मिलने की उम्मीद नहीं है। कोरोना काल के चलते परीक्षा न होने के कारण सरकार ने प्रदेश से लेकर जिले तक मेरिट सूची जारी न करने का फैसला किया है। (संवाद)
हाईस्कूल व इंटर में 52462 परीक्षार्थी थे पंजीकरण
कानपुर देहात। वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए हाईस्कूल में 27681 व इंटरमीडिएट में 24981 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। जिले में कुल 52462 बोर्ड परीक्षार्थी थे, इन्हें बिना परीक्षा के उत्तीर्ण किया गया है। जबकि बोर्ड ने परीक्षा की तैयारी करते हुए 85 केंद्र भी घोषित कर दिए थे। (संवाद)
रिजल्ट देखकर असमंजस में छात्र व शिक्षक
कानपुर देहात। बोर्ड की ओर से जारी किए गए परीक्षा फल में कुछ छात्रों का परीक्षा फल में रोल नंबर के आगे पास लिखा है तो कुछ में प्रमोट लिखा है। इससे छात्र छात्राओं में असमंजस की स्थिति हो गई। माती जसवंत सिंह स्मारक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गोविंद नारायन ने बताया कि पिछले वर्ष के अनुत्तीर्ण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र छात्राओं के आगे प्रमोट लिख कर आया है।
परीक्षा परिणाम विभाग की वेबसाइट में विद्यालय वार अपलोड नहीं हो सका। इससे जिले का प्रतिशत भी पता नहीं चला है। परीक्षा फल शतप्रतिशत होने की उम्मीद है। - अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस
बोले छात्र, परीक्षा न होने से मेधावियों का नुकसान
इंटरमीडिएट की छात्रा रनियां निवासी देवांशी त्रिवेदी ने कहा कि अंकों के निर्धारण का फार्मूला ठीक नहीं रहा। इससे पढ़ने वाले परीक्षार्थियों का नुकसान हुआ है। जरूरी नहीं कि 11वीं में अंक कम आने पर 12 की बोर्ड परीक्षा में भी कम अंक आएंगे। यूपीसीडा जैनपुर निवासी इंटर के छात्र प्रिंसराज तिवारी ने बताया कि परीक्षा न होने के कारण अंकों का प्रतिशत कम रहा है। उसने कहा कि परीक्षा कराना जरूरी था। इससे मेधावियों का नुकसान हुआ है।
अकबरपुर इंटर कॉलेज की इंटरमीडिएट की छात्रा शिवांगी शुक्ला ने बताया कि परीक्षा फल नहीं देख पाई। मोबाइल में कई बार कोशिश की लेकिन वेबसाइट नहीं खुली। कालेज से संपर्क करने पर भी रिजल्ट पता नहीं चला। अकबरपुर इंटर कॉलेज के हाईस्कूल के छात्र दिव्यांशू द्विवेदी ने कहा कि रोल नंबर न होने की वजह से रिजल्ट नहीं देख सके। कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित करने से पहले रोल नंबर सभी छात्रों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।
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