धनतेरस इस बार अमृत सिद्ध योग में है। दरअसल, शुक्रवार को वैभव-लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इसी दिन धनतेरस भी है। अति शुभ योग में पर्व पर खरीदारी शाम 6:44 से 8:44 बजे के बीच करने से सुख-समृद्धि आएगी। आचार्य अमरेश मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार आपने आप में सुख का सूचक है। वहीं, वैभव-लक्ष्मी का योग इसे अमृत सिद्ध योग बनाता है। पंच महायोग में अमृत सिद्ध योग का विशेष महत्व होता है। आचार्य सत्येंद्र अग्निहोत्रीने बताया कि भगवान धनवंतरि की पूजा शुक्रवार रात 9:40 बजे से होगी। हर, बहेड़ा, केसर, आंवला व हल्दी भगवान धनवंतरि को अर्पित करने से रोग और व्याधिदूर होते हैं। यदि चित्र न हो तो स्वास्तिक बनाकर इन पांचों वस्तुओं को अर्पित करें।
धनतेरस - 28 अक्तूबर को
नरक चौदस - 29 अक्तूबर को
दीपावली- 30 अक्तूबर को
गोवर्धन पूजा- 31 अक्तूबर को
भाईदूज- एक नवंबर को
दिवाली पूजन में ध्यान दें
-धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊं (ओम) बनाने से घर में लक्ष्मी का आगमन बना रहता है
- नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली को सुबह अगर हाथी मिल जाए तो उसे गन्ना या मीठा जरूर खिलाएं। इससे अनिष्ठों, जटिल मुसीबतों से मुक्ति मिलती है
- नरक चतुर्दशी की शाम को घर में पश्चिम दिशा में खुले स्थान में या घर के पश्चिम में 14 दीपक पूर्वजों के नाम से जलाएं। इससे पितृ दोषों का नाश होता है तथा पितरों के आशीर्वाद से धन समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है
-दिवाली पूजन में 11 कौड़ियों, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मी को चढ़ाए। अगले दिन तीनों चीजें लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें।
- अशोक वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन संपत्ति की वृद्धि होती है
- पानी का नया घड़ा लाकर पानी भरकर रसोई में कपड़े से ढककर रखने से घर में बरक्कत और खुशहाली बनी रहती है
-इमली के पेड़ की छोटी टहनी धन रखने के स्थान पर रखने से दिनों दिन समृद्धि बढ़ेगी
- दिवाली के दिन नया झाड़ू खरीदरकर लाएं। पूजा से पहले उस स्थान की सफाई कर उसे छुपाकर रख दें। अगले दिन उसका उपयोग करें तो दरिद्रता खत्म होती है
- दिवाली के दिन हनुमान मंदिर में लाल पताका चढ़ाने से घर-परिवार की उन्नति के साथ ख्याति धन संपदा बढ़ती है