खुले तारों की चपेट में आकर हुई मौत
ग्राम प्रधान नवीन यादव ने बताया कि घर में खुले पड़े तारों की चपेट में आकर बच्चों की मौत हो गई। मजदूर दंपती का एक बड़ा बेटा भूरे (10) साल का है। सूचना पर पहुंचे सीओ विवेक जावला, प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी समेत नायब तहसीलदार ताखा ने जांच पड़ताल की है।
जागरूकता के अभाव में गई मासूमों की जान
जागरूकता के अभाव में बुधवार को मंगलवार को दो मासूमों की जान चली गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लगी लोगों की भीड़ में लोग यही कह रहे थे कि काश घर में खुले तार न पड़े होते, तो हादसे का शिकार होने से मासूम बन जाते। घर पर परिजनों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित थे।
दंपती करते हैं मजदूरी, घर पर नहीं थे मौजूद
नगरिया यादवान गांव में बुधवार दोपहर इरफान और उसकी पत्नी दो जून की रोटी के लिए गांव के ही लोगों के यहां खेत में धान रोपाई का काम करने गए थे। बड़ा बेटा भूरा भी घर से बाहर था। आमिर (9) व पुत्री इनायत (4) घर में रोज की तरह खेल रहे थे। इस बीच खुले पड़े तारों को पकड़ने में दोनों बच्चे चपेट में आ गए।