कानपुर देहात। बिजली निगम के जिम्मेदारों की अनदेखी से खेत से लेकर सड़क किनारे तार झूल रहे हैं। हालात ये हैं कि मार्च में अनुरक्षण माह चल रहा है इसके बाद भी झूलते तारों को कसवाने की तरफ ध्यान नहीं है। करंट के खतरे के बीच किसान फसलाें की बोआई-कटाई को मजबूर हैं।
जिले में 47 उपकेंद्र हैं। करीब 2.75 लाख कनेक्शन हैं। बिजली निगम सब कुछ दुरुस्त होने का दावा करता है, लेकिन हकीकत ये है कि बिजली लाइनों को भी दुरुस्त नहीं रखा जा रहा है। जहां-तहां झूलते लटकते तारों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। कई जगह सिर पर करंट का खतरा तना है।
मौजूदा समय में खेतों में गेहूं की फसल तैयार हो रही है तो कई जगह सरसों की फसल की कटाई चल रही है। इधर खेतों में झूलते तारों के हवा से टकराने और चिंगारी से फसल में आग लगने की आशंका बनी है। वहीं झूलते तारों से करंट का खतरा भी है। इधर कई जगह सड़क किनारे बिजली की केबल लाइन लटक रही हैं। पोल लगे हैं लेकिन बिजली कर्मियों को केबल पोल पर बांधने की फिक्र नहीं है।