उनके चेहरे और गर्दन पर जानवर के नोचने के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए के हमले की सूचना पर वन विभाग की टीम ने कांबिंग शुरू कराई, लेकिन अधिकारियों ने तेंदुए के हमले की बात से इनकार किया है।
कुत्तों के भौंकने पर बाहर आया बेटा
श्रीराम के मुताबिक शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर वह मकान से बाहर निकले। बाहर आने पर उन्होंने मां छेदाना को चारपाई पर मृत पड़ा देखा। उनके चेहरे और गर्दन पर किसी जानवर के नोचने के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जुट गई। तेंदुए के हमले की चर्चा होने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
वन विभाग ने तेंदुए के हमले से किया इनकार
सूचना पर अतरौली पुलिस के साथ कछौना के रेंजर विनय सिंह जादौन भी मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास कांबिंग कराई। रेंजर विनय सिंह जादौन ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुत्ता प्रजाति के किसी जंगली जानवर के हमले से वृद्धा की मौत होने की आशंका है। उन्होंने तेंदुए की मौजूदगी से इनकार करते हुए सियार, भेड़िया या लकड़बग्घे में से किसी जानवर के हमले की आशंका जताई।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय ने बताया कि वृद्धा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी। वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्र में जंगली जानवर की मौजूदगी का पता लगाने के लिए निगरानी कर रही है।