कानपुर। ऑर्डिनेंस फैक्टरी कर्मी की पत्नी रीना देवी ने ऑपरेशन महाकाल के तहत सीपी को प्रार्थनापत्र देकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सर्वोदयनगर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रोहित, दो अधिवक्ताओं समेत 21 लोगों के खिलाफ मिलीभगत कर कई बार में 58 लाख रुपये ठगने की रिपोर्ट दर्ज कराई कराई है। यह रकम उनसे वर्ष 2019 से 2025 के बीच ठगी गई। पनकी पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू की है।
अर्मापुर निवासी ऑर्डनेंस फैक्टरी कर्मी कृष्ण कुमार की पत्नी रीना देवी ने पुलिस को बताया कि अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला, उनके पुत्र प्रांजल उर्फ साहिल, उसकी पत्नी अर्चना, अधिवक्ता महेंद्र गुड्डन, अधिवक्ता वीरेंद्र शुक्ला, शाखा प्रबंधक रोहित, भरत शुक्ला, प्रीति श्रीवास्तव, प्रीति का बेटा सुमित और बेटी सौम्या व रामवीर सहित अन्य 10 लोग ठगी का गैंग चला रहे हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की साठगांठ से धोखाधड़ी की गई।
पहले पनकी बी ब्लॉक में प्लॉट के लिए 10 लाख रुपये बयाने के तौर पर लिए गए। इसके बाद दूसरा प्लॉट दिखाकर 38 लाख रुपये डिमांड ड्राफ्ट से प्रीति को दिलवाए गए। कई बार में 10 लाख रुपये ले लिए। बाद में जांच में यह जमीन फर्जी निकली और केडीए की संपत्ति पाई गई।
इस दौरान सरकारी बैंक प्रबंधक रोहित और अधिवक्ताओं ने दबाव बनाकर पैसे जमा करवाए और फर्जी रजिस्ट्री कराई। रीना का आरोप है कि जब ठगी का खुलासा हुआ तो प्रीति, सुमित, सौम्या व अधिवक्ता महेंद्र ने जातिसूचक गालियां दीं। हत्या की धमकी दी। पनकी थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।