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कुएं की जगत है इनका आशियाना, यह शौक नहीं नियम-कानून के अड़ंगे हैं!

Sat, 07 Apr 2018 08:48 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कुएं की जगत पर गृहस्थी रखकर बेटी के साथ जिंदगी बसर करती विधवा छोटी देवी - फोटो : अमर उजाला
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'तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है'। मशहूर शायर अदम गोंडवी का यह शेर बांदा जिले के नसेनी गांव की हकीकत पर कितना सटीक बैठता है इसकी गवाह है ये रिपोर्ट...
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यूपी के बांदा जिले के 13,395 गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अशियाना मुहैया कराने के सरकारी फाइलों में सजे आंकड़ों की जमीनी हकीकत के लिए नरैनी तहसील का नसेनी गांव काफी है। जहां पिछले डेढ़ दशक से एक विधवा सार्वजनिक कुएं की जगत पर खुले आसमान तले अपनी बेटी के साथ जिंदगी काट रही है। उसे सरकारी आवासीय मदद के नाम पर नियम कानून के अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। 


नरैनी तहसील के नसेनी गांव में विधवा छोटी देवी करीब डेढ़ दशक से गांव में स्थित एक सार्वजनिक कुएं की जगत पर अपनी गृहस्थी रखे दिन गुजार रही है। खुले और गहरे कुएं की जगत पर ही उसका बिस्तर होता है। छोटी देवी के पति की लगभग 10 साल पहले मौत हो गई है। वह 14 वर्षीय बेटी रोशनी के साथ यहां रह रही है। पूर्व में वह इस गांव में अपनी मजदूर पेशा बहन रुक्मिणी की झोपड़ी में ही बसर कर रही थी, लेकिन कुछ ही दिन बाद वहां जगह की तंगी होने से छोटी देवी ने अपनी गृहस्थी कुएं की जगत पर लाकर रख ली।
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बेटी रोशनी गांव के सरकारी स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ रही है। छोटी देवी दिन भर मजदूरी में रहती है। छोटी बताती है कि आवास के लिए उसने अनेकों बार प्रधान से लेकर अफसरों तक से दस्तक दी। पर नियम-कानून बताकर मदद नहीं मिली। कुएं की खुली जगत पर किशोर उम्र बेटी की सुरक्षा की चिंता में उसे रात को नींद भी नहीं आती। हालांकि गांव के लोग उससे हमदर्दी रखते हैं। नसेनी गांव में 220 लोगों को सरकारी आवास मिले हुए हैं। 


प्रधान प्रतिनिधि ने बताया पात्र 
नसेनी ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि जमील अहमद ने बताया कि वर्ष 2011 की सर्वे सूची के आधार पर गरीबों को आवास दिए जा सकते हैं। इसमें विधवा छोटी देवी भी पात्रता की श्रेणी में है। उन्होंने बताया कि खंड विकास अधिकारी का कहना है कि पात्रता सूची में उन्हीं को शामिल किया जाए जिनके पास गांव में आवास बनाने को अपनी जमीन हो। 


बीडीओ बोले- राजस्व विभाग दे सकता है भूमि 
नरैनी के खंड विकास अधिकारी लालव्रत यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हीं को दिए जाने का प्राविधान है जिनके पास आवास निर्माण के लिए जमीन हो। भूमिहीनों के लिए राजस्व विभाग भूमि की व्यवस्था कर सकता है।  


बेटी की शादी का लिया जिम्मा
अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राजाराम गुरुदेव ने कहा है कि वे विधवा छोटी देवी की बेटी रोशनी की शादी का खर्च खुद उठाएंगे। साथ ही उसे आवास के लिए अधिकारियों से प्रयास करेंगे। सफाई कर्मी के रूप में नरैनी नगर पंचायत में रखे जाने की भी कोशिश करेंगे।
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