कानपुर में गंगा बैराज पर पत्रकारों से बातचीत केंद्रीय मंत्री उमा भारती
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती जल्द ही कानपुर से किनारा करने वाली है। ऐसा उनकी बातों से लगने लगा है। लेकिन आप जब ये वजह जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे...
गंगा में गिरता नाला (फाइल फोटो)
उमा भारती रविवार सुबह कानपुर पहुंची। यहां गंगा निरिक्षण अभियान के तहत गंगा संकल्प यात्रा का शुभारंभ करने पहुंची केंद्रीय मंत्री उमा कहती हैं भाजपा के कामों के लिए तो मैं कानपुर आती रहूंगी लेकिन गंगा से संबधित कामों की जो बिसात बिछाई गई है, जब तक उनके प्रतिफल नहीं आने तब तक यहां आना मुझे शोभा नहीं देगा। यह बात कहकर उमा भारती कानपुर से किनारा करती नजर आई।
दरअसल, कानपुर में अब भी जाजमऊ के दो बड़े नालों का गंदा पानी सीधे गंगा में गिरता है। जिसका हल निकाल पाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
गंगा के पानी को दूषित होने से बचाने के लिए लगाया गया ट्रैस ब्रूम सिस्टम
हालांकि नाले के मुख के आगे जलशोधन के लिए जालीनुमा एक ट्रेस ब्रूम सिस्टम लगाया गया लेकिन यह भी कारगर साबित नहीं हो रहा। क्योंकि नाले से जो दूषित पानी गिरता है उसकी मात्रा ट्रैस ब्रूम सिस्टम की क्षमता से कहीं अधिक है।
इसके अलावा उन्होंने बताया केडीए(कानपुर डवलपमेंट अथॉरिटी) ने बिठूर में 'बिठूर रिवर फ्रंट' बनाने का एक शानदार प्रस्ताव तैयार किया है। इसी के लिए आज मैं बिठूर जाकर स्पॉट का निरिक्षण करूंगी। तब अगला कदम उठाया जाएगा। बिठूर कोई सामन्य जगह नहीं रही है। उसका अपना पुरातन इतिहास रहा है जो बेहद खास है। इसलिए उसका विकास भी बेहद जरूरी है।
इस बीच एक पत्रकार ने उमा से सवाल किया रविवार को गंगा दशहरा पर लोग हजारों की संख्या में स्नान के लिए आए लेकिन मैली गंगा देखकर नांक सिकोड़ते हुए वापस लौट गए। उमा ने इस पर जवाब दिया आपने बता दिया है इस संबंध में बात करूंगी। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से किनारा कर लिया। बाद में वे बिठूर के लिए रवाना हो गई।