फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरोगा जी तो गए थे मामले को निपटाने पर परिवार ने उनको ही धुन दिया

Tue, 05 Dec 2017 03:41 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
आरोपी पिता- पुत्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पुलिस पर लगातार दूसरे दिन हमला होने से कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। सोमवार को मामले की जांच के लिए ग्राम भदारी के एक घर पहुंची पुलिस पर आरोपी का पूरा परिवार ही टूट पड़ा। दरोगा को घर के भीतर बंधक बनाकर पीटा गया। 
विज्ञापन



 

परिवार का आरोप -दरोगा ने हाथापाई की शुरूआत की

एसआई,मध्य में ग्राम प्रधान, सीओ रुक्मिणी वर्मा - फोटो : अमर उजाला
जालौनः पुलिस ने बताया कि सागर चौकी इंचार्ज एसआई राजीव कुमार त्रिपाठी ग्राम भदारी निवासी राघवेंद्र पटेल के घर सोमवार की दोपहर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने राघवेंद्र और उनके बेटे के खिलाफ शिकायत की थी कि वे दोनों आवारा जानवरों को रात में छोड़ देते हैं, जिससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। अभी दरोगा की परिजनों से राघवेंद्र से कहासुनी हो ही रही थी कि अचानक राघवेन्द्र व उसके पिता पूरनसिंह भी दरोगा से भिड़ गए।


इतना ही नहीं घर के भीतर से राघवेन्द्र की पत्नी संध्या भी लाठी लेकर आ गई। इसके बाद पूरा परिवार दरोगा पर टूट पड़ा। दरोगा को परिवार के सदस्यों ने लाठी-डंडों और लात घूंसों से पीटा। दरोगा ने किसी तरह कोतवाली में सूचना दी, तब भारी फोर्स मौके पर पहुंचा और उपद्रवियों के चंगुल से दरोगा को छुड़ाया। उधर परिवार का आरोप है कि दरोगा ने हाथापाई की शुरूआत की, जिससे संध्या के कपड़े भी फट गए। कोतवाल संतोष कुमार ने बताया कि दरोगा की तहरीर पर परिवार के तीनों लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया जा रहा है।  


 

पिता पुत्र से परेशान है पूरा गांव

गांव से महिला को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
राघवेन्द्र और उसके पिता पूरनसिंह से पूरा गांव ही परेशान है। ग्राम प्रधान विनय कुमार का कहना है कि ये बाप-बेटे दबंग किस्म के व्यक्ति हैं और आए दिन गांव वालों को परेशान करते रहते हैं। इनके घर जब किसी बात की शिकायत करने ग्रामीण जाते हैं तो दोनों उलटा ही किसी मामले में फंसाने की धमकी देते हैं।


सोमवार को ग्रामीणों ने एसडीएम से मिलकर पिता पुत्र की शिकायत की थी।  आरोप है कि पूरे गांव के जानवरों को एक स्थान पर रोकने के लिए ग्रामीणों ने तार फेंसिंग का घेरा बनाने की योजना बनाई है। लेकिन ये बाप-बेटे तार फेंसिंग के तार काट ले जाते हैं और खंभे भी उखाड़ ले जाते हैं। इससे छुट्टा जानवर खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस जांच के लिए राघवेंद्र के घर पहुंची थी।





 
विज्ञापन

सीओ रुक्मिणी वर्मा, एसआई राजीव कुमार त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
बख्शे नहीं जाएंगे हमला करने बाले-सीओ
घटना को लेकर सीओ कोंच रुक्मिणी वर्मा का दो टूक कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। कहा कि मामला उनके संज्ञान में है, उच्चाधिकारियों को भी इस घटना से अवगत करा दिया गया है। तीनों लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी जा रही है। इतना ही नहीं पूरन के नाम एक शस्त्र लाइसेंस है जिसकी निरस्तीकरण की कार्रवाई भी कराई जाएगी। दो दिन पहले क्योलारी रोड पर हुई लूट की वारदात को लेकर भी सीओ का कहना है कि पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी है, जल्द खुलासा भी होगा।


एसडीएम द्वारा मिली जांच करने गये थे-एसआई
घायल एसआई राजीव कुमार त्रिपाठी का कहना है कि वह एसडीएम से मिली जांच के सिलसिले में भदारी गांव गये थे जहां राघवेन्द्र, उसकी पत्नी और पिता ने मिल कर उनकी लाठी डंडों से पिटाई कर दी और वह बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्होंने बताया कि तीनों लोगों राघवेन्द्र, पूरन और संध्या के खिलाफ उन्होंने तहरीर दी है। बताया कि राघवेन्द्र के उकसाने पर ही संध्या ने स्वयं अपने कपड़े फाड़े हैं। ताकि पुलिस पर भी वह केस बना सकें। इसके अलावा उसने पिता से गेट बंद कर लेने के लिये कहा ताकि पुलिस को बंधक बनाया जा सके।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें