रिवाल्वर की शौकीन और मेयर पद की प्रत्याशी अपनी मजबूती का सारा श्रेय आखिर किसे देती हैं। क्या है उनकी ताकत का राज। कानपुर के प्रथम नागरिक पद की दावेदारी भी ठोंक दी। अफसरों से भिड़ने में भी नहीं करती संकोच। कौन है इसके पीछे। अपने बारे में बताते हुए आंसुओं की धार निकल पड़ी। पड़ताल की तो इसकी कुछ और ही कहानी पता चली।
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प्रमिला पांडेय
ये हैं भाजपा महापौर पद की प्रत्याशी प्रमिला पांडेय। अपनी बेबाक राजनीतिक छवि के पीछे उनके परिवार की एकजुटता है। उनका कहना है कि आज वह जो कुछ भी हैं, उसके पीछे उनकी पांच जेठानियों की ताकत है। उन्हीं की वजह से उन्हें जूझने की शक्ति मिली है। बीच में परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ने की वजह से वह जरूर परेशान हुईं लेकिन कभी विचलित नहीं हुईं। उनका कहना है कि परिवार से मिली मजबूती का असर उनके काम में भी दिखेगा।
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प्रमिला पांडेय
प्रमिला पिछले 25 वर्षों से भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इस बीच उन्हें दो बार पार्षद बनने का भी मौका मिला। लीक से हटकर काम करने की उनकी आदत ने पार्टी के अंदर उन्हें अलग स्थान दिलाया। वह बताती हैं कि पार्षद रहते हुए उन्हें पार्टी और समाज के कार्यों में काफी समय देना पड़ता था। जब भी वह थक कर घर लौटती तो उनके लिए घर पर सब कुछ तैयार मिलता। उनकी जेठानियां उनके लिए मां जैसी सेवा करती थीं। जिनकी कमी प्रमिला को आज बहुत खलती है।
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प्रमिला पांडेय
यह बात बताते हुए उनकी आंखों में आंसू भी आ गए। प्रमिला के छह बच्चे हैं, उनका पालन पोषण कैसे और कितने अच्छे तरीके से हुआ, उन्हें इसका आभास ही नहीं हो पाया। भरे पूरे परिवार के बड़े लोगों ने उनका जीवन आसान कर दिया था। प्रमिला ने बताया कि पार्टी से उन्होंने कभी मांगा नहीं, संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी उसे बखूबी निभाती गईं। अब महापौर का प्रत्याशी बनाया है, पूरी उम्मीद है कि वह इसमें भी सफल होंगी।
रिवाल्वर वाली छवि ने किया चर्चित
प्रमिला पांडेय की एक छवि यह है कि वह अपने साथ रिवाल्वर लेकर चलती हैं। इसका उन्होंने कभी इस्तेमाल तो नहीं किया, लेकिन रिवाल्वर साथ लेकर चलने से वह लोगों और पार्टी के बीच और भी चर्चित हो गईं। लोगों के काम को लेकर उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से भी भिड़ने में गुरेज नहीं किया।