उत्तर प्रदेश का ‘मैनचेस्टर’ कहलाने वाला कानपुर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्थान पर बरकरार है, जहां की वायु गुणवत्ता अति गंभीर स्तर पर पहुंच गई है यानी कानपुर वासी ऑक्सीजन के नाम पर जहरीली हवा की सांस ले रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से 2014 से 2019 के लिए जारी रिपोर्ट में दुनिया के 15 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में इस बार भी भारत के 14 शहर शामिल हैं। इनमें कानपुर के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का फरीदाबाद दूसरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी तीसरे नंबर पर है। डब्ल्यूएचओ की ‘राजनेताओं की स्थिति और भारत में एयर क्वालिटी 2014-2019’ रिपोर्ट को दिल्ली स्थित ‘क्लाइमेट ट्रेंड्स’ ने जारी किया है।