पिता बोले- सनी और अरुण को भी नहीं देखा
पुलिस को भी इसकी कोई जानकारी नहीं है। घटना के अगले दिन पिता ने बताया था कि लवलेश के साथ घटना अंजाम देते नजर आने वाले हमीरपुर निवासी सन्नी सिंह और कासगंज निवासी अरुण मौर्य को कभी नहीं देखा। न ही कभी वे घर आए, जबकि उसके दोस्त अक्सर घर आते-जाते रहे हैं।
एसआईटी जांच में जुटी
यह भी बड़ा सवाल है कि लवलेश की सन्नी और अरुण से मुलाकात कैसे हुई? खैर इस संबंध में गठित एसआईटी जांच में जुटी है। हत्यारोपी लवलेश समेत सन्नी और अरुण मौर्य की घटना से एक सप्ताह पूर्व की मोबाइल कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
परिजनों और दोस्तों की पूछताछ
माफिया अतीक-अशरफ की हत्या की जांच के लिए गठित एसआईटी ने तीनों हत्यारोपियों से पूछताछ की है। इसके बाद उनके साथियों और परिजनों से भी पूछताछ की गई है। बताया गया है कि एसआईटी ने यहां आकर लवलेश के तीन साथियों से देर तक पूछताछ की। उसके परिजनों से भी लवलेश की पूरी जानकारी जुटाई।
पुलिस का जांच से कुछ नहीं लेना-देना
यह सब बेहद गोपनीय रखा गया। सूत्रों के मुताबिक लवलेश के जिन साथियों से पूछताछ की गई है। उसमें दो क्योटरा के ही रहने वाले हैं। हालांकि उनके हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं की गई। अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि गठित एसआईटी जांच कर रही है। इसलिए यहां की पुलिस का कोई लेना-देना नहीं है।
चार दिन हो गए परिवार को गायब हुए
लवलेश के परिवार का चार दिनों से कोई अता-पता नहीं है। न ही पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी दे रही है। अलबत्ता सुरक्षित स्थान में होने की बात कही जा रही है। माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड के अगले ही दिन लवलेश के क्योटरा स्थित किराए के घर और लौमर (चिल्ला) गांव स्थित पैतृक घर में पुलिस तैनात कर दी गई थी।
पुलिस ने ज्यादा जानकारी देने से किया इनकार
सुरक्षा का हवाला दिया गया। इसी के बाद पिता यज्ञ तिवारी, मां आशा देवी, भाई वेद तिवारी और गांव में रह रही दादी रातोंरात गायब हो गईं। उन्हें सुरक्षित ठिकाने में पहुंचा दिया गया। पुलिस भी उनके बारे में कुछ नहीं बता रही। पुलिस का कहना है कि परिवार सुरक्षित जगह में है और ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।