इटावा/चकरनगर। गुरुवार को हुई बेमौसम बारिश से गेहूं और दलहनी-तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। आंधी से गेहूं की फसल गिर गई। इससे करीब 10 फीसदी नुकसान हुआ है।
गुरुवार की शाम करीब सात बजे अचानक मौसम ने करवट ली। आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद तेज बारिश हुई। ग्राम कंधेशीघार, हनुमंतपुरा, विंडवा कला, सहसों, भरेह क्षेत्रों में लगभग एक घंटे तक बारिश हुई। इसकी वजह से दलहनी, तिलहनी फसलों को नुकसान की आशंका है। पकी सरसों की फसल के दाने चटकने लगे है। आंधी से गेहूं की फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होगा। दाने भी काले पड़ जाएंगे। किसान रविंद्र भदौरिया, श्रीकृष्ण, राजेश यादव, हाकिम सिंह, रघुवीर सिंह का कहना है कि गेहूं व सरसों को बारिश और तेज हवाओं से काफी नुकसान हुआ है।
गेहूं की फसल गिरने से दाना हो जाएगा कमजोर
कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की बाली के कारण पौधा वजनदार हो गया है। बारिश से फसल को नुकसान कम होगा। आंधी से जो फसल गिर गई है, उसमें पांच से 10 फीसदी तक नुकसान की संभावना है। इससे दाना कमजोर होगा और काला भी पड़ जाएगा। आलू की खोदाई लगभग खत्म हो गई है। जो आलू नहीं खोदा जा सका है, उसके सड़ने की संभावना है। सरसों की फसल भी पककर तैयार है। बारिश और हवा से नुकसान की संभावना है।
वर्जन
बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान का सर्वे करवाया जाएगा। प्रयास है कि किसानों के नुकसान का सही आंकलन करवाकर उन्हें मुआवजा दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। -ब्रह्मानंद सिंह कठेरिया, एसडीएम चकरनगर।